त्रिपुला स्थित निर्माणाधीन उपकेंद्र के यार्ड तैयार करने के लिए खोदे गए गड्ढे।
रायबरेली। शहर में प्रस्तावित दो विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण अधर में लटका है। इस वजह से लोगों को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। नौ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दोनों उपकेंद्रों में एक जगह काम अधर में है, जबकि दूसरी जगह अब तक काम ही नहीं शुरू हो सका है। निर्माण कार्य पूरा न होने से उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।
दोनों उपकेंद्रों का निर्माण एक साल पहले शुरू कराया गया था। छह महीने में इनको बनाकर तैयार करना था, ताकि उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत मिल सके। जिस तरह से काम चल रहा है, उससे यह लगता है कि आने वाली गर्मी तक भी दोनों उपकेंद्र बनकर तैयार नहीं हो पाएंगे।
शहर में डिग्री कॉलेज चौराहा पर नया उपकेंद्र बनाया जाना है। इसके बनने से इंदिरा नगर उपकेंद्र का लोड कम हो जाएगा। भूमि भी चिह्नित कर ली गई, लेकिन भूमि विवाद शुरू होने से अब तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है। नया उपकेंद्र नहीं बनने से इंदिरा नगर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। गर्मी में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है।
इसी तरह त्रिपुला उपकेंद्र और ट्रांसमिशन एक ही भवन में संचालित हो रहे हैं। त्रिपुला उपकेंद्र को अलग किया जाना है। इसी परिसर में उपकेंद्र का निर्माण शुरू कराया गया है। कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो गया है, लेकिन यार्ड में उपकरण लगाने के लिए निर्माण कार्य अधर में है।
डिग्री कॉलेज के पास उपकेंद्र के लिए जो भूमि चिह्नित की गई, उसमें विवाद चल रहा है। मामला कोर्ट में होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। त्रिपुला उपकेंद्र का निर्माण चल रहा है। जल्द काम पूरा हो जाएगा।
- नेकी राम, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम