यही नहीं हर दावेदार बिना रोकटोक के बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ हो-हल्ला करते हुए नामांकन कक्ष के बाहर पहुंच रहे थे। सुबह से नामांकन समाप्त होने तक यही स्थिति रही। सूचना मिलने पर सीओ ने दो थानों की फोर्स के साथ पहुंचकर नामांकन कक्ष के बाहर खड़े समर्थकों को खदेड़ा।
जिला मुख्यालय पर सोमवार को डीडीसी दावेदारों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता के नियम ताक पर दिखे। बैरीकेडिंग भले ही कराई गई हो, लेकिन दावेदारों के साथ बड़ी संख्या में समर्थक नामांकन कक्ष तक जा रहे थे। हद तो तब हो गई, जब सरेनी विधायक के बेटे दिव्यांबर सिंह लालगंज द्वितीय सीट से नामांकन करने पहुंचे।
विधायक के बेटे समर्थकों के साथ नामांकन कक्ष के बाहर जुलूस के शक्ल में पहुंच गए। यही नहीं इस दौरान समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए। अखिलेश यादव जिंदाबाद तक के नारे हाथ उठाकर लगाए। हरचंदपुर विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह के बेटे गौरव सिंह भी समर्थन में पहुंचे।
उनके समर्थकों ने भी जिंदाबाद के नारे लगाए गए, लेकिन वहां पर तैनात पुलिस सब कुछ देखती रही। नामांकन कक्ष के बाहर समर्थकों का मेला जैसा लगा रहा, जबकि नियम है कि नामांकन कक्ष तक समर्थक न जाने पाएं।
हालात ये रहे कि बेरोकटोक समर्थक आते-जाते रहे। इतना जरूर रहा कि नामांकन करने के लिए कक्ष के अंदर दावेदार समेत तीन लोगों को ही जाने दिया गया।
दोपहर बाद सीओ सदर सुशील कुमार के साथ सदर कोतवाल लक्ष्मीशंकर मिश्रा, मिल एरिया थानेदार विपिन सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने दावेदारों के समर्थकों को नामांकन कक्ष के बाहर खदेड़ा।
सीओ का कहना है कि आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा। मंगलवार से और सख्ती बरती जाएगी। उधर, ब्लॉक मुख्यालयों पर भी बीडीसी प्रत्याशियों ने नामांकन की धज्जियां उड़ाई।
नामांकन कक्ष के बाहर न सिर्फ नारे लगाए, बल्कि जाम की समस्या से भी आम जनता को परेशानी से जूझना पड़ा। सुबह से ही दावेदार समर्थकों के साथ नामांकन करने के लिए जिला मुख्यालय पर पहुंचे।
यही वजह रही कि डिग्री कॉलेज चौराहा और उससे होकर गुजरे वाली रोडों पर कई घंटे तक जाम की स्थिति रही। इससे आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना उठाना पड़ा। सिविल और ट्रैफिक पुलिस जाम हटाने के लिए गंभीर नहीं रही। पुलिस बस मूकदर्शक बनी रही।