रायबरेली। पहली तेज बारिश में ही सड़कों की हालत खराब हो गई है। बरसात के चलते शुक्रवार को मटिहा-मछेछर मार्ग बह गया है। इससे करीब 25 गांवों के 10 हजार लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों की ओर से सड़क को ठीक नहीं कराया गया। यहां तक कि अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचे।
साल 2008 में लोक निर्माण विभाग की ओर से मटिहा-मछेछर मार्ग का निर्माण कराया गया था। 10 किमी लंबे इस मार्ग से होकर मटिहा, कल्लू का पुरवा, इब्राहिमपुर, सैदनपुर, बिनोहरा, मछेछर, खागीपुर सड़वा समेत 25 से ज्यादा गांवों के लोगों का आना-जाना रहता है। प्रतिदिन करीब 10 हजार लोग इस मार्ग से गुजरते हैं।
यह मार्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि रायबरेली-डलमऊ मार्ग से इसे जोड़ा गया है। शुक्रवार को हुई तेज बारिश के चलते मछेछर गांव के पास सड़क बह गई है। यहां बड़ा सा गड्ढा हो गया है, जो कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। कई अन्य स्थानों पर सड़क बह गई है।
क्षेत्रीय पवन मिश्रा, हौसला सिंह, छविनाथ चौधरी, केपी सिंह का कहना है कि हर बार मरम्मत के नाम पर मिट्टी डलवा दी जाती है, इसी वजह से मार्ग बह गया है। इसका खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को उठाना पड़ता है। सड़क बहने की सूचना लोक निर्माण विभाग के अफसरों को दी, लेकिन अभी तक कोई मौके पर नहीं पहुंच सका।
उधर,लोक निर्माण खंड द्वितीय के एक्सईएन प्रमोद कुमार राणा ने बताया कि बारिश में सड़क बहने की जानकारी हुई है। जल्द ही सड़क ठीक कराई जाएगी।