रायबरेली। लखनऊ की कोचिंग में हुए अग्निकांड के बाद जिलेभर में कोचिंग संस्थाओं पर शिकंजा कसना शुरू किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से शुरू हुई कार्रवाई को देखते हुए ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में ताले लटक गए। इससे कोचिंग संचालक परेशान हैं। कोचिंग संचालकों ने जिलाधिकारी से मिलकर समस्या भी बताई। प्रशासन की ओर से एक ही जवाब दिया गया कि मानक पूरे किए बगैर संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।
कोचिंग संचालकों की सुविधा के लिए तीन दिन का विशेष कैंप लगाने की रूपरेखा बनाई गई है, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी एक साथ शामिल होंगे। इससे कोचिंग संचालकों की समस्या एक ही जगह दूर हो सकेगी और उन्हें मानक पूरे करने में आसानी होगी। जिलेभर में महज 18 कोचिंग संस्थाएं ही पंजीकृत हैं, जबकि ढेरों कोचिंगें बिना पंजीयन संचालित हैं।
कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि 29 एवं 30 जून और एक जुलाई को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक रायबरेली विकास प्राधिकरण सभागार में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन कैंपों में रायबरेली विकास प्राधिकरण, माध्यमिक शिक्षा विभाग, अग्निशमन विभाग एवं विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, ताकि कोचिंग संस्थाओं के मानकों को पूरा कराने संबंधी सभी औपचारिकताएं एक ही स्थान पर पूरी कराई जा सकें।
विक्रम सिंह ने कहा कि विशेष शिविर में पंजीकरण एवं मानक पूरे कराने के लिए ज्यादा से ज्यादा कोचिंग संचालक पहुंचे, ताकि कोचिंग संस्थाओं का संचालन शुरू कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।