रायबरेली। छुट्टा मवेशियों से आजिज किसानों का गुस्सा आए दिन बढ़ता जा रहा है। हरचंदपुर क्षेत्र समेत कई इलाकों में छुट्टा मवेशियों को स्कूल में बंद किए जाने के मामलों में हुई कार्रवाई के बाद भी किसान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति कर रहे हैं। ऐसी ही एक घटना तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सिरसोई में घटी, जहां गुस्साए किसानों ने छुट्टा मवेशियों को स्कूल में बंद करके ताला लगा दिया।
करीब दो घंटे बाद पहुंचे तहसील के अफसरों और पुलिस ने मवेशियों को मुक्त कराया तो स्कूल खुला। हालांकि पूरा दिन शिक्षक विद्यालय परिसर में फैली गंदगी ही साफ करते रहे, जिससे शिक्षण कार्य नहीं हो सका। प्राथमिक विद्यालय सिरसोई में 90 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। यहां इंचार्ज हेडमास्टर प्रमोद कुमार त्रिवेदी और सहायक अध्यापक सौरभ तिवारी तैनात हैं। मंगलवार सुबह 7.30 बजे अध्यापक और 55 बच्चे विद्यालय पहुंचे अंदर मवेशियों को देखकर बाहर ही खड़े रहे।
मामले की सूचना तहसील और शिक्षा विभाग के अफसरों को दी गई। अफसरों के हस्तक्षेप पर तहसील की टीम और पुलिस कर्मी विद्यालय पहुंचे। सुबह करीब 10 बजे विद्यालय का ताला खोलवाकर मवेशियों को मुक्त कराया गया। अध्यापक और बच्चे अंदर पहुंचे तो हर तरफ गंदगी फैली थी। अध्यापकों ने साफ-सफाई की, लेकिन तब तक विद्यालय संचालन का समय पूरा हो चुका था। हालांकि इंचार्ज हेडमास्टर का कहना है कि साफ-सफाई कराने के बाद शिक्षण कार्य कराया गया।
प्राइमरी स्कूल में मवेशियों को बंद करने की सूचना बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह को मोबाइल पर दी गई, जिस पर बीएसए ने महराजगंज के खंड शिक्षा अधिकारी को मामले की एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित तहरीर कोतवाली पुलिस को दी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी।
उधर, कोतवाली प्रभारी लालचंद्र सरोज का कहना है कि जैसे ही सूचना मिली, पुलिस बल के साथ स्कूल से मवेशियों को बाहर कराया गया। मामले की तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। छुट्टा मवेशियों से क्षेत्रीय किसान बहुत परेशान हैं। पीड़ित किसान कन्हैया लाल, राजेश, उमेश, गुड्डू, साहब शरण, केवल आदि का कहना है कि छुट्टा मवेशियों की तादाद बढ़ जाने से फसल सुरक्षित नहीं है।
प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लिहाजा छुट्टा मवेशियों से त्रस्त होकर किसानों ने विद्यालय प्रांगण में मवेशियों को बंद कर दिया था, लेकिन प्रशासन एवं पुलिस ने मौके पर मवेशियों को मुक्त करा दिया, ताकि किसानों की फसलें बर्बाद होती रहें और उनके परिवार भुखमरी के कगार पर खड़े हो जाएं। तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सिरसोई के प्राथमिक विद्यालय में मवेशियों को बंद करने का मामला संज्ञान में आया था, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कानूनगो, हल्का लेखपाल व पुलिस को भेजा गया। स्कूल में बंद मवेशियों को आजाद कराया गया। ऐसा करने वालों के खिलाफ तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।