रायबरेली। शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही है। शनिवार को तकनीकी खराबी, तो कहीं मेंटेनेंस के चलते आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप रही। रविवार दोपहर गोराबाजार उपकेंद्र के पैनल में तेज धमाका हुआ व बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
आचार्य द्विवेदी नगर उपकेंद्र के स्विचयार्ड और ब्रेकर के मेंटेनेंस के चलते आपूर्ति बंद रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्र उतरपारा से निकले मधुपुरी फीडर का तार टूटने से कई घंटे आपूर्ति ठप रही। कहीं पर चार, तो कहीं पांच घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद लोगाें को सुकून मिला।
गोराबाजार उपकेंद्र से हर्ष नगर, महानंदपुर, ग्रीव शाह का पुरवा, राजकीय कॉलोनी, गोराबाजार, पीएसी, मलिकमऊ समेत कई मोहल्लों की बिजली आपूर्ति होती है। रविवार दोपहर करीब दो बजे उपकेंद्र के पैनल में तेज धमाका हुआ। इससे मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
पैनल की वायरिंग जलने से कमरे में धुआं भर गया। पावर कॉर्पोरेशन की टीम ने पैनल और उपकेंद्र में लगे ट्रांसफार्मरों की जांच की। फॉल्ट ठीक होने पर शाम करीब छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
इसी तरह आचार्य द्विवेदी नगर उपकेंद्र से विकास नगर, पुलिस लाइन, मानस नगर, राना नगर, न्यू राना नगर, घसियारी मंडी, कानपुर रोड, दीवानी कचहरी के आसपास, कोतवाली, बस स्टॉप, मुंशीगंज, शहीद स्मारक रोड, एम्स, दरियापुर चौराहा, सुपरमार्केट, प्रभु टाउन, मालिकमऊ रोड, घंटाघर चौराहा, कैपरगंज, मिलन सिनेमा, खोया मंडी आदि मोहल्लों में बिजली आपूर्ति होती है।
मेंटेनेंस के चलते दोपहर 12 बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। मुंशीगंज निवासी कारखाना संचालक कृपाशंकर साहू ने बताया कि बिजली न आने से गेहूं की पिसाई और सरसों की पेराई का काम ठप रहा। सुपरमार्केट निवासी आशीष कुमार व विश्वनाथ ने बताया कि कभी फॉल्ट, तो कभी तकनीकी खराबी के चलते बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इससे कारोबार पर असर पड़ रहा है।
उधर, ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र उतरपारा से निकले मधुपुरी फीडरका तार कहीं न कहीं टूटता रहता है। शनिवार शाम करीब छह बजे सुल्तानपुर आइमा के पास तार टूट गया। कर्मियों ने तार जोड़वाकर रात 10 बजे बिजली बहाल कराई।
इसके बाद रात में दो बजे फिर लाइन में फॉल्ट आ गया, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। रविवार सुबह नौ बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। उपभोक्ताओं ने बताया कि फीडर के तार इतने जर्जर हैं कि आए दिन कोई न कोई समस्या बनी ही रहती है।
मांग घटी, बावजूद इसके दूर नहीं हो रही समस्या
पिछले दिनों की अपेक्षा बिजली की मांग घटी है। बावजूद इसके बिजली आपूर्ति समस्या से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जुलाई में बिजली की मांग 380 मेगावाट पहुंच गई थी, लेकिन इस माह बारिश होने से मांग में कमी आई है, लेकिन जर्जर तार और उपकेंद्र में लगे उपकरण माकूल आपूर्ति में रोड़ा बन रहे हैं, क्योंकि ये उपकरण कई सालों से बदलने नहीं गए। मामूली हवा या बारिश होने पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था धड़ाम हो जाती है।
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जरूरत के हिसाब से कराया जाता है मेंटेनेंस
उपकेंद्रों में समय-समय पर मेंटेनेंस कराया जाता है, ताकि उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिल सके। आचार्य द्विवेदी नगर में मेंटेनेंस और गोराबाजार में खराबी आने से बिजली आपूर्ति बंद थी। सभी जगह आपूर्ति बहाल हो गई है। कई जगह नए उपकरण लगाए गए हैं, जहां ज्यादा दिक्कत आ रही है, वहां भी उपकरणों को बदलवाया जाएगा।
-रविचंद्र श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, रायबरेली जोन