निर्मल भारत मिशन के तहत 802 परिषदीय स्कूलों में निर्माणाधीन सामुदायिक प्रसाधन कक्षों की गुणवत्ता की जांच करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम नौ जुलाई को यहां पहुंच रही है।
यह टीम 11 जुलाई तक जिले में रहकर स्कूलों में निर्माण की गुणवत्ता और प्रसाधन कक्षों के उपयोग को जांचेगी। आदेेश आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
खंड शिक्षा अधिकारियों से प्रसाधन कक्षों के संबंध में पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
केंद्र सरकार की मंशा पर पिछले साल गांधी जयंती पर जिले के 802 परिषदीय स्कूलों में सामुदायिक प्रसाधन कक्ष बनवाने के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए थे।
स्कूलों को बजट देकर काम भी शुरू करा दिया, लेकिन तमाम स्कूलों में कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है। केंद्र सरकार स्कूलों में निर्माणाधीन प्रसाधन कक्षों की गुणवत्ता की जांच कराएगी।
इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम यहां आ रही है। अपर निदेशक बेसिक शिक्षा महेंद्र सिंह राणा ने इस संबंध में बीएसए को पत्र जारी करके निर्माण कार्यों का सत्यापन कराकर गुणवत्ता को ठीक कराने के आदेश दिए हैं।
तीन दिन तक टीम जिले में रहकर गुणवत्ता को जांचेगी। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
यदि टीम को किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो इसके लिए बीईओ और हेडमास्टर जिम्मेदार होंगे। यदि काम भी पूरा नहीं हुआ होगा तो भी इसके लिए वे ही जिम्मेदार होंगे।