रायबरेली। मनमानी कार्यशैली को लेकर इन दिनों सीडीओ अभिषेक गोयल सुर्खियों में हैं। शासनादेश के विपरीत एडीओ के तबादले के प्रयास और मृत सफाईकर्मी को नोटिस देने के बाद अब एक ही तारीख में एक सफाईकर्मी को दो-दो सजाएं दे दीं।
सीडीओ ने पहले आदेश में जून माह का वेतन रोका और फिर उसी तारीख में दूसरे आदेश में मई का वेतन रोककर जवाब-तलब किया है। अफसर द्वारा लगातार कसे गए शिकंजे से सफाईकर्मियों में हड़कंप मच गया है। सफाई कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी भी मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
सीडीओ जून 2020 में सहायक विकास अधिकारियों के तबादलों को लेकर चर्चा में आएं। अब सफाईकर्मियों को लेकर वे सुर्खियों में हैं। खीरों ब्लॉक के बनईमऊ के सफाईकर्मी बाल कुमार की 13 अप्रैल को मृत्यु हो चुकी है।
सीडीओ ने 25 मई को उसका वेतन रोकते हुए नोटिस जारी कर दिया। सीडीओ ने 25 मई को हरचंदपुर ब्लॉक के जोहवाशर्की गांव में तैनात सफाईकर्मी संजय कुमार के खिलाफ अलग-अलग दो आदेश जारी कर पहले जून फिर मई माह का वेतन रोक दिया है।
22 मई और 24 मई को सफाईकर्मी के गैरहाजिर रहने पर यह कार्रवाई की। हालांकि एक ही तारीख में एक ही कर्मचारी को दो-दो सजा दिए जाने पर सफाई कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
जून 2020 में अमर उजाला ने खोली थी पोल, निरस्त किए थे सात एडीओ को तबादले
आईएएस अधिकारी व सीडीओ अभिषेक गोयल ने मनमाने तरीके से जून 2020 में सहायक विकास अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया था। कहीं तबादले में शासनादेश का उल्लंघन किया तो कहीं शासन से तबादलों पर लगी रोक के बाद भी एडीओ को इधर-उधर कर दिया था।
तब अमर उजाला ने सीडीओ की इस मनमानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद सीडीओ ने सात एडीओ के तबादलों को निरस्त करते हुए 31 को अतिरिक्त चार्ज दिया था।
बीती 22 मई और 24 मई को जोहवाशर्की के सफाई कर्मी को फोन करवाया गया था। दोनों ही तारीखों में वह कार्यस्थल पर नहीं मिला था। इसी कारण दोनों मामले में अलग-अलग आदेश जारी कर वेतन रोकर जवाब मांगा गया है। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अभिषेक गोयल, सीडीओ