बछरावां (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र के मुसाही खेड़ा मजरे इचौली गांव में गुरुवार रात एक झोपड़ी पर आग लग गई। इससे करीब एक लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
वहीं झोपड़ी में आग के बीच फंसे बच्चों को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। अग्निकांड में सब कुछ जल जाने से परिवार के सामने खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है।
गांव निवासी बिटाना ने गुरुवार की देर रात खाना खाने के बाद बच्चों को सुला दिया। बिटाना पड़ोस में रहने वाले अपने देवर राधेश्याम के घर किसी काम से गई थी। इसी दौरान उसकी झोपड़ी में अचानक आग लग गई।
आग की लपटों को देखकर वह चीखते हुए दौड़ी। चीख सुनकर एकत्र हुए ग्रामीणों ने झोपड़ी में सो रहे अंशिका (7), अनामिका (10), आनंद (3) को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला।
देखते ही देखते लपटों ने झोपड़ी को अपनी आगोश में ले लिया। आग की लपटों की चपेट में आकर पड़ोसी हरिश्चंद्र के घर का छप्पर भी जलने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने छप्पर में लगी आग पर काबू पा लिया।
पीड़िता ने बताया कि आग से झोपड़ी में रखा लगभग पांच क्विंटल गेहूं, कपड़े, 10 हजार रुपये सहित अन्य समान जलकर राख हो गया। पीड़ित बिटाना का पति घनश्याम फतेहपुर जनपद में एक भट्ठे पर मजदूरी का काम करता है। थानाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि आग लगने की जानकारी हुई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया जाएगा।