कोतवाली क्षेत्र में कमाई के चक्कर में प्रसव के लिए सीएचसी गई महिला को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। शनिवार रात गलत इंजेक्शन लगाने से उसकी मौत हो गई जबकि नवजात सुरक्षित है। महिला की मौत से गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया।
आरोप है कि आशा बहू प्रसूता को लेकर प्राइवेट अस्पताल पहुंची थी। तहरीर पर पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। संचालक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
महराजगंज क्षेत्र के बावन बुुजुर्ग बल्ला निवासिनी नेहा मौर्या (22) को 30 अगस्त को प्रसव के लिए सीएचसी महराजगंज ले जाया गया जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि आशा बहू साधना दीक्षित द्वारा प्रसूता को बछरावां रोड स्थित डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल ले जाया गया जहां संचालक डॉ. राकेश यादव ने भर्ती कर इलाज प्रारंभ कर दिया।
इसके बाद नेहा को ऑपरेशन के लिए लखनऊ स्थित ऑक्सफोर्ड हॉस्पिटल ले जाया गया जहां ऑपरेशन के बाद उसने एक पुत्र को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। फिर 31 अगस्त को लगभग शाम चार बजे प्रसूता को बच्चे के साथ लखनऊ के ऑक्सफोर्ड हॉस्पिटल से महराजगंज स्थित डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल लाया गया और उसे भर्ती कर लिया गया।
आरोप है कि रात में डॉ. प्रदीप ने गलत इंजेक्शन लगा दिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे लखनऊ ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। दो साल पहले ही नेहा की शादी हुई थी।
सीओ विनीत सिंह का कहना है कि उसके पति रामसमुझ की तहरीर पर नर्सिंग होम संचालक डॉ. राकेश यादव, प्रदीप कुमार व डॉ. रेनू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बछरावां रोड स्थित डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल के संचालक का कहना है कि प्रसूता के इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। प्रसूता की हार्टअटैक के चलते मौत हुई है मगर परिवारीजन इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं।
बावन बुजुर्ग बल्ला गांव में मृतका के परिवार में कभी खुशी कभी गम जैसा माहौल देखने को मिला। जहां दो वर्ष पूर्व हुई शादी के बाद परिवारीजनों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई तो पूरा घर खुशी से झूम उठा लेकिन 12 घंटे बाद ही यह खुशी गम में तब्दील हो गई जिससे परिवारीजन सहित समूचा क्षेत्र शोकाकुल है। इसके साथ ही लोगों में गुस्सा भी है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि यदि सीएचसी महराजगंज से जिला अस्पताल रेफर मरीज को आशा बहू द्वारा प्राइवेट डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल में ले जाया गया है तो इसकी जांच होगी। दोषी पाए जाने पर आशा बहू के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा उस हॉस्पिटल का लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।
महराजगंज के सीओ विनीत सिंह ने बताया कि नर्र्िसंग होम में बरती गई लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत की बात सामने आई है। केस दर्ज करा दिया गया है। सीएमओ से नर्सिंग होम को सील करने की बात कही गई है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी।