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कैल्शियम की दवा मानकों पर खरी नहीं

Mon, 29 Feb 2016 11:15 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
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जिला अस्पताल में रोगियों में बांटी जा रही कैल्शियम की दवा मानकों पर खरी नहीं उतरी है। जांच में नमूना फेल होने के बाद जिला अस्पताल में संबंधित दवा का वितरण बंद कर दिया गया है।
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सीएमएस ने संबंधित दवा बनाने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए संस्तुति की है। जिला अस्पताल में शेष बची दवा को वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

मुख्य औषधि सुरक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने सितंबर 2015 में जिला अस्पताल के दवा गोदाम से ओसोकॉल-500 टैबलेट का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था।
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जांच में दवा का नमूना फेल आया है। जांच में पेट में टूटने के बाद दवा का असर मानकों के अनुसार नहीं होना पाया गया।

मानकों पर दवा खरी न उतरने की रिपोर्ट प्रयोगशाला से आने के बाद मुख्य औषधि सुरक्षा अधिकारी ने जिला अस्पताल के सीएमएस को पत्र लिखा है।

कैल्शियम की दवा का नमूना फेल आने की सूचना मिलने के बाद सीएमएस ने रोगियों में संबंधित दवा के वितरण पर रोक लगा दी है।

साथ ही उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर दवा बनाने वाली कंपनी थमेक्स लेबोरेटरीज कैलाश नगर अंबाला को काली सूची में डालने की संस्तुति की है।

अस्पताल में बची संबंधित कंपनी की कैल्शियम की दवा को भी वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि कैल्शियम की एक लाख टैबलेट मंगवाई गई थी।

करीब 40 हजार टैबलेट दवा बची है। नमूना फेल होने की सूचना मिलने पर कंपनी को काली सूची में डालने के लिए पत्र लिखा गया है। दवा को वापस किया जाएगा।

एफएसडीए के मुख्य औषधि सुरक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने बताया कि ओसोकॉल-500 टैबलेट का नमूना सितंबर 2015 को लिया था। दवा की जांच रिपोर्ट आ गई है।

जांच में नमूना फेल पाया गया है। दवा में डिस्इंट्रीग्रेशन पाया गया है। मामले में सीएमएस को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
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