रायबरेली। शहर के विद्युत उपकेंद्र आईटीआई में कंट्रोल रूम निर्माण के लिए निकाला गया पुराना केबल नदारद हो गया। इन केबलों को स्टोर भेजना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केबलों को गायब कराने में अवर अभियंता की भूमिका संदिग्ध लग रही है। मुख्य अभियंता ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
आईटीआई उपकेंद्र से बरखापुर फीडर बनाया गया है। इसके लिए उपकेंद्र में एक नया पैनल रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। उपकेंद्र और यार्ड के बीच अंडरग्राउंड 33 केवी और 11 केवी पुरानी लाइनें डाली गई थीं।
खोदाई करके इन केबलाें को बाहर निकलवाया गया था, जो अब नदारद हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इन केबलों की कीमत करीब दो लाख रुपये थी। वैसे पुराने केबलों को त्रिपुला स्थित स्टोर में जमा करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
कर्मचारियों ने बताया कि निकाले गए केबल एक से दो मीटर के टुकड़े करके गायब किए गए हैं। अवर अभियंता रामसहाय ने बताया कि निकाले गए केबल उपकेंद्र पर रखे हैं। उधर, मुख्य अभियंता रविचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।