हालांकि ग्राम पंचायतों ने ग्राम प्रधानों ने अपनी टीम के सदस्यों को ही खास समितियों में शामिल किया।
जिले में 989 ग्राम पंचायतों के गठन के लिए चुनाव हुआ।
989 ग्राम प्रधान चुने गए, लेकिन 144 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या दो तिहाई न होने के कारण उन ग्राम पंचायतों में समितियों का गठन नहीं हो सका।
845 ग्राम पंचायतों में बैठकें बुलाकर समितियों का गठन किया गया। विकास समिति, शिक्षा समिति, जल प्रबंधन समिति, निर्माण समिति समेत अन्य समितियों में शामिल होने के लिए सदस्यों ने खूब हाथ पैर मारा।
हालांकि ग्राम प्रधानों ने अपनी टीम के सदस्यों को भी समितियों में शामिल किया। जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिद्धौर में ग्राम प्रधान दिनेश कुमार बीडीओ सुधीर सिंह, प्रताप बहादुर सिंह, त्रिलोकी सिंह की मौजूदगी में शांतिपूर्वक समितियों का गठन हुआ।
पूरबगांव में ग्राम प्रधान मो. गफ्फार की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया गया। टिकठा मुसल्लेपुर में ग्राम प्रधान बिन्नों सिंह, सुदामापुर में ग्राम प्रधान गुरुशरण सिंह, धूता में ग्राम प्रधान रामपती, बलराम यादव, कल्याणपुर सुरजई में प्रधान अंजना त्रिपाठी, कजियाना में प्रधान यास्मीन फातिमा, हेवतहा नेवढ़िया में प्रधान दल बहादुर सिंह, जगतपुर में प्रधान तारादेवी, हरदी टीकर में प्रधान अमरेश सिंह, बेनीकामा में ग्राम प्रधान नीरज सिंह व सांधू कुंआ में प्रधान धीरज सिंह की अध्यक्षता में शांतिपूर्वक समितियों का गठन किया गया।
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार, कैर में ग्राम प्रधान गंगाराम, हसनपुर में केशव चौधरी, ओई में हरिश्चंद्र, राघवपुर में श्रीकृष्ण, अतरेहटा में उर्मिला यादव, पाली में पुत्तन सिंह की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया गया।
फुरसतगंज प्रतिनिधि के अनुसार, बहादुरपुर ब्लॉक के 32 ग्राम पंचायतों में शनिवार को विकास के लिए समितियों का गठन किया गया।
डीह प्रतिनिधि के अनुसार, सादीपुर कोटवा सहित ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में समितियों का गठन किया गया। गठन के बाद सादीपुर कोटवा में प्रधान अंबेश्वरी ने शिक्षकों व सदस्यों को सम्मानित किया।
सलोन तहसील क्षेत्र के बराडीह गांव में खुली बैठक नहीं हुई। इससे ग्राम पंचायत सदस्यों में नाराजगी है। सदस्यों ने डीएम को पत्र देकर मामले में कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत सदस्य रेखा सिंह, करमन देवी, चौबा देवी, नीलम, धनपति, रीना, राम अधार आदि सदस्यों ने डीएम को दिए पत्र में कहा है कि शनिवार को खुली बैठक करके समितियों के गठन होने की बात कही गई थी।
बावजूद गांव में ऐसा नहीं किया गया है। ब्लॉक के अधिकारियों से भी शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
ग्राम पंचायत सदस्यों ने डीएम से मामले की जांच करके गांव में खुली बैठक कराकर समितियों का गठन किए जाने की मांग की है।