रायबरेली। चेतावनी के बाद भी गांवों में पराली जलाए जाने की सूचना न देने पर प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएम ने बुधवार को जिले के 26 प्रधानों को कारण बताओ नोटिस देकर वित्तीय अधिकार सीज करने की चेतावनी दी है।
डीएम ने पिछले सप्ताह जिले के सभी 989 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से नोटिस दिया था कि खेतों में पराली जताई गई तो आगामी पंचायत चुनाव के लिए उन्हें अदेयता प्रमाणपत्र (नो-ड्यूज) नहीं दिया जाएगा।
साथ ही शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त करके वित्तीय अधिकार भी सीज किया जाएगा। पूर्व में जारी हैसियत प्रमाणपत्रों को अप्रभावी माना जाएगा। उन्होंने प्रधानों को पराली जलाए जाने की सूचना तत्काल देने के आदेश दिए थे।
इसके बाद भी जिले के 26 गांवों में पराली जलाए जाने की सूचना प्रधानों ने नहीं दी। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने संबंधित प्रधानों को कारण बताओ नोटिस दिया है। साथ ही वित्तीय अधिकार सीज करने की चेतावनी दी गई है।
विकास कार्यों में मनमानी करने पर डीएम ने हरचंदपुर ब्लॉक के बरगदहा प्रधान कौशलेंद्र प्रताप सिंह के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। जांच में ग्राम पंचायत में स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण, मनरेगा से इंटरलॉकिंग, साइन बोर्ड आदि में गड़बड़ियां मिली थीं।
प्रधान को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था, लेकिन सही जवाब न दिए जाने पर अधिकार सीज किए गए हैं। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को सुचारु रखने के लिए ग्राम पंचायत सदस्य सुरजीत, मुन्नी व संजीत सिंह की कमेटी का गठन कर दिया गया है।
चेतावनी के बाद भी जिले की 26 ग्राम पंचायतों में पराली जलाए जाने की सूचना प्रधानों ने नहीं दी। मामले में डीएम ने प्रधानों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। जवाब सही न आने पर प्रधानों के अधिकारों को सीज कर दिया जाएगा। बरगदहा गांव के प्रधान के अधिकार सीज किए गए हैं।- उपेंद्रराज सिंह, डीपीआरओ