गदागंज थाना क्षेत्र के मतीनगंज में अवैध कोयला भट्टियों को गिराती जेसीबी।
गदागंज। बिना लाइसेंस के संचालित दो कोयला भट्ठियां बुधवार को बुलडोजर से ध्वस्त करा दी गईं। इस दौरान भट्ठा संचालकों ने नाराजगी जताई और वनकर्मियों पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया। कहा कि रुपये न देने पर कार्रवाई कराई गई। अफसरों का दावा है कि वायु प्रदूषण कम करने के कारण भटि्ठयां ध्वस्त कराई गई हैं।
डलमऊ सर्किल के रेंजर रवि भारती के मुताबिक गदागंज थाना क्षेत्र के मतीनगंज गांव में कल्लू उर्फ वहाब और मो. इरशाद की ओर से कोयला भट्टियां संचालित की जा रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने शिकायत की थी कि गांव में बिना लाइसेंस अवैध तरीके से कोयला भट्ठियां चलाई जा रही हैं। इसकी जांच कराई गई तो पाया गया कि अवैध तरीके से कोयला भट्ठी संचालित हैं।
वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बुलडोजर से दोनों कोयला भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। उधर, भट्टी संचालकों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिना लाइसेंस के कोयला भटि्ठयां संचालित हैं। विभागीय कर्मी जिन संचालकों से नियमित रूप से पैसे वसूलते हैं, उनकी भट्टियों को छोड़ दिया गया। कार्रवाई से पहले उन्हें नोटिस तक नहीं दिया गया। रेंजर का कहना है कि संचालकों की ओर से लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं।
अफसर बेखबर, संचालित हो रहीं भट्टियां
वन विभाग के अफसरों की ढिलाई का नतीजा है कि डलमऊ के गंगा कटरी इलाके से लेकर सरेनी क्षेत्र में अवैध तरीके से कोयला भट्टियां संचालित हैं। कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने लाइसेंस एक कोयला भट्ठी का ले रखा है लेकिन दो से तीन कोयला भटि्ठयां संचालित कर रहे हैं। विभागीय अफसरों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पिछले साल 2025 में बड़े स्तर पर कोयला भट्ठियों के संचालन पर कार्रवाई की गई थी।