रायबरेली। ओवरलोड ट्रक व डंपरों से अवैध वसूली के खेल में छह जिलों के दलाल शामिल थे। यह खुलासा रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ समेत 11 आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से हुआ है। सूत्रों का दावा है कि सीडीआर में जितने भी नंबर आए, उनकी पुलिस ने गहनता से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ये भी पता कर रही है कि आपस में क्या बातचीत होती थी। इस बात की भी जांच हो रही है कि कैसे इस पूरे खेल को लंबे समय से अंजाम दिया जा रहा था, जो इसकी भनक अधिकारियों तक को नहीं लग पाई।
लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम मोहित सिंह, अयोध्या जिले के बेजू पुरवा टिहुरा निवासी ट्रक चालक सुनील यादव, एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली, उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश तिवारी, उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, उनका दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनका चालक सुशील और मिथुन के खिलाफ लालगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आदि की धारा में केस दर्ज कराया गया था। मामले में एसटीएफ ने दलाल मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को जेल भेजा गया है। शेष आरोपी फरार हैं।
सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने जब नामजद अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों की सीडीआर निकलवाई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पाया गया कि रायबरेली, फतेहपुर, कौशाबी, फतेहपुर, हमीरपुर, बांदा के दलाल अधिकारियों के संपर्क में थे। जांच में जिलों की संख्या और बढ़ सकती है। रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ, पीटीओ के चालक खुद को एआरटीओ व पीटीओ बताकर वसूली करते थे।
लालगंज सीओ-विवेचक अमित सिंह कहते हैं कि सभी की सीडीआर निकलवा ली गई है। सीडीआर का अवलोकन किया जा रहा है। इस कार्य मेंं लिप्त दलालों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
दो साल पहले पकड़े गए थे ऊंचाहार के दो दलाल
ऊंचाहार क्षेत्र के रहने वाले दो दलाल के भी ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के खेल में शामिल होने की बात सामने आई है। सूत्रों का दावा है कि साल 2023 में चित्रकूट पुलिस ने दोनों दलालों को अवैध वसूली के मामले में पकड़ा था। जेल से बाहर निकलने के बाद यह लोग फिर अवैध वसूली के खेल में शामिल हो गए। एसटीएफ और पुलिस इन दोनों दलालों की खोजबीन कर रही है। यह दोनों लालगंज के संतोष, मोहित, धर्मेद्र, इमरान, सिकंदर और फारुख के संपर्क में थे।