लखनऊ। रायबरेली के रेलवे स्टेशन स्थित नगर पालिका से आवंटित गुमटी में बिना कनेक्शन के आए 50 हजार रुपये के बिजली बिल को सुधारने के लिए 12 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपी पावर कॉर्पोरेशन के जेई रामकरन यादव को एडीजे अल्पना शुक्ला ने दोषी ठहराते हुए पांच साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है
कोर्ट में सरकारी वकील दुष्यंत मिश्र ने बताया कि वादी कृष्णपाल सोनकर ने सतर्कता विभाग के निदेशक से शिकायत की थी कि रायबरेली रेलवे स्टेशन पर उसे नगर पालिका से गुमटी आवंटित है। 10 वर्ष पहले उसने गुमटी में बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करके धनराशि जमा की थी मगर कनेक्शन नहीं लिया था।
बताया कि चार वर्ष पहले उसने फिर आवेदन करके कनेक्शन लिया। मीटर लगते समय जेई रामकरन ने उसे बताया कि 12 वर्ष पहले जो कनेक्शन लिया था उसका बिल 50 हजार रुपये हो गया है, जिसे सही करने के लिए आरोपी ने 12 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। इस पर सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने आरोपी की 11 जनवरी 2005 को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।