रायबरेली में सोमवार को हरचंदपुर के प्राथमिक विद्यालय पैड़ेपुर में बंद किए गए मवेशी।
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रायबरेली। छुट्टा मवेशियों से परेशान ग्रामीणों और किसानों ने सोमवार सुबह प्राथमिक विद्यालय पैड़ेपुर का ताला तोड़कर छुट्टा जानवरों को ठूंस दिया। यही नहीं, ग्रामीणों ने अपना ताला भी लगा दिया। शिक्षिकाएं और बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो उन्हें बाहर ही खड़े रहना पड़ा। शिक्षिका की सूचना पर ही शिक्षा-विकास विभाग के अधिकारी तथा पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने ताला खोलने से मना कर दिया। बाद में वाहनों से मवेशियों को गोशाला भेजा गया। इस घटना से पठन-पाठन नहीं हो सका।
सुबह 8 बजे प्राथमिक विद्यालय पैड़ेपुर खुलना था। जब यहां तैनात प्रधानाध्यापिका किरन वर्मा और सहायक अध्यापिका स्वाति पहुंची तो विद्यालय परिसर में मवेशियों का डेरा देखकर घबरा गई। चाभी लगाकर ताला खोलने की कोशिश की तो वह नहीं खुला। इस बीच करीब 40 बच्चे भी विद्यालय के गेट पर पहुंच गए। आसपास के लोगों से पता किया तो जानकारी हुई कि ग्रामीणों ने विद्यालय का ताला तोड़कर फेंक दिया और जानवरों को अंदर बंद करने के बाद नया ताला लगा दिया।
प्रधानाध्यापिका किरन ने घटना से खंड शिक्षा अधिकारी आरके कश्यप को अवगत कराया। बीईओ ने बताया कि उन्होंने पुलिस और खंड विकास अधिकारी को बताया। इस पर हरचंदपुर थाने की पुलिस पहुंची तो बीडीओ आरबी सिंह भी पहुंच गए। अधिकारियों और पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी गेट पर गले ताले की चाभी की जानकारी नहीं दे सका। समस्या का समाधान न होता देख बच्चे घरों को लौट गए।
बीडीओ ने बताया कि दोपहर लगभग 11.30 बजे किसी तरह विद्यालय के मेन गेट का ताला खोला गया और जानवरों को बाहर निकाला गया। विद्यालय परिसर में 84 मवेशी बंद किए गए थे, जिन्हें एक डीसीएम और दो पिकअप वाहनों से मिल एरिया क्षेत्र स्थित गोशाला भेज दिया गया। हरचंदपुर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अभी किसी ने भी कोई तहरीर नहीं दी है। कोई तहरीर मिली तो कार्रवाई की जाएगी।