रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में आदेशों को ताक पर रखकर किए गए 43 संविदा एएनएम के तबादलों पर डीएम नेेहा शर्मा ने रोक लगा दी है। ब्लॉकों में खाली उपकेंद्र होने के बाद भी संविदा एएनएम को दूसरे ब्लॉकों में भेज दिया गया था। जिन ब्लॉकों में एएनएम को भेजा गया, उन ब्लॉकों की एएनएम को भी दूसरे ब्लॉकों के लिए स्थानांतरित किया गया।
एक भी रेगुलर एएनएम का तबादला नहीं किया था। एक सेंटर पर दो-दो एनएम के होने की दशा में उसी ब्लॉकों के खाली सेंटरों पर तैनाती के आदेश दिए गए हैं। ‘अमर उजाला’ ने 25 जून के अंक में ‘आदेशों के विपरीत 43 संविदा एएनएम का तबादला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करके स्वास्थ्य विभाग में हुए कारनामे की पोल खोली थी।
मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया था। इस संबंध में 26 जून के अंक में ‘मनमाने तरीके से 43 संविदा एएनएम के तबादलों पर डीएम ने तलब की पत्रावली’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। नियमानुसार एक उपकेंद्र पर एक एएनएम ही काम करनी चाहिए, लेकिन सेटिंग-गेटिंग करके एक उपकेंद्र पर दो से तीन एएनएम को तैनात कर दिया गया था।
डीएम ने मामले को गंभीर रुख अपनाते हुए सीएमओ से जानकारी ली कि ब्लॉकों में उपकेंद्र खाली होने के बाद भी संविदा एएनएम को दूसरे ब्लॉकों में क्यों भेजा गया। साथ ही जिन ब्लॉकों में एएनएम को भेजा गया है, उन्हीं ब्लॉकों में काम कर रही एएनएम को अन्य ब्लॉकों में क्यों भेजा गया। रेगुलर एएनएम का तबादला क्यों नहीं किया गया।
उपकेंद्र खाली थे, तो एक ही उपकेंद्रों पर एक से अधिक एएनएम कैसे तैनात हो गईं। मामले में डीएम ने 43 एएनएम के तबादलों की सूची पर रोक लगाकर ब्लॉकों में खाली एएनएम सेंटरों की सूची मांगी है। ब्लॉकों में ही खाली सेंटरों पर ही एएनएम की तैनाती के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. डीके सिंह का कहना है कि डीएम ने 43 एएनएम के तबादलों की सूची पर रोक लगा दी है। अधीक्षकों से रिक्त सेंटर की रिपोर्ट मांगी गई है। सूची डीएम को उपलब्ध कराई जाएगी। डीएम के निर्देश पर आगे की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा।