प्रेम प्रसंग की बात घर में बताने पर साथियों ने अपहरण के बाद नेत्रहीन को मार डाला। रॉड से पीट-पीटकर उसकी बेरहमी से हत्या की। दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
यूपी के रायबरेली में शहर के गल्ला मंडी रतापुर निवासी नेत्रहीन अजय कुमार सरोज (24) की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शव को शारदा सहायक नहर में फेंक दिया। वारदात को उसके दो साथियों ने ही अंजाम दिया। अजय का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने दोस्त के प्रेम-प्रसंग की बात उसके पिता से बता दी थी। इसी बात से हमलावर उससे चिढ़ गए थे।
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आरोपियों ने रॉड से पीट-पीटकर हत्या को अंजाम दिया। शुक्रवार को पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट में दोनों को पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेजा।
21 फरवरी को घर से लापता थे
अजय कुमार बीती 21 फरवरी को घर से लापता हो गए थे। खोजबीन के बाद कुछ पता नहीं चला तो मां कांती देवी ने बीते 22 फरवरी को सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इधर, पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी थी। शुक्रवार की देर शाम भदोखर थाना क्षेत्र के कुचरिया गांव स्थित शारदा सहायक नहर में अजय का शव पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि कुमार के मुताबिक, सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार, सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह की टीम ने मटिहा गांव के पास से शनिवार सुबह हत्या में शामिल डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के पूरे मडावन सिंह का पुरवा मुराईबाग निवासी अंकुश यादव, रायबरेली शहर के मटिहा निवासी गौरव उर्फ अजीत को पकड़ा गया।
एसपी के मुताबिक, दोनों आरोपी मृतक अजय के दोस्त हैं। गौरव का एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। अजय ने इस बात की जानकारी गौरव के पिता को बता दी थी। इससे गौरव और अंकुश ने हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत बीते 21 फरवरी को रतापुर से शराब की बोतल खरीदी और कहा कि चलो कहीं दूर चलकर शराब पीते हैं। पुलिस की नजर भी उन पर नहीं पड़ेगी। अजय को बाइक पर बैठाकर कुचरिया गांव के पास ले गए। शराब पिलाई और फिर रॉड से पीट-पीटकर उसे मार डाला। मृतक नेत्रहीन है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त रॉड व बाइक बरामद की गई है।
अंकुश भी नेत्रहीन, वारदात के बाद भागा था दिल्ली
आरोपी अंकुश यादव भी नेत्रहीन है। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए दिल्ली भाग गया था। हालांकि ज्यादा दिन तक वह पुलिस से बच नहीं पाया। जैसे ही वह रायबरेली शहर आया, पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वहीं आरोपी गौरव दूध बेचने का काम करता है। तीनों आपस में दोस्त थे। बेटे की हत्या के बाद मां कांती देवी, चार बहनें गमगीन हैं। कहती हैं कि यह सब हो गया। मां को यकीन नहीं हो रहा कि दोस्त ही उसके बेटे की इस तरह बेरहमी से हत्या करके शव को नहर में फेंक देंगे।
सीसीसीवी कैमरे और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचा जा सका। बताते हैं कि पेट्रोलटंकी होते हुए आरोपी बाइक पर बैठाकर अजय को घटनास्थल ले गए थे। पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे खंगालना शुरू किया तो तीनों बाइक से कुचरिया जाते हुए जाते दिखे थे। बताते हैं कि वारदात को अंजाम देेने के बाद डलमऊ होते हुए शहर तक आए।