रायबरेली। राजस्थान में टेलर की हत्या किए जाने के विरोध में इस्लामिक आतंकवाद का पुतला फूंकने के दौरान गुरुवार को भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान हाथापाई हुई।
दोनों तरफ से जमकर हंगामा किया गया। दरअसल, भाजपाई पुतला लेकर कांग्रेस के पार्टी कार्यालय तिलक भवन में घुस रहे थे, जिसका कांग्रेस पदाधिकारियों ने विरोध किया।
जानकारी होने पर कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने पहुंचकर मामला शांत कराया। इस दौरान काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। बाद में भाजपाइयों ने कोतवाली रोड पर इस्लामिक आतंकवाद का पुतला फूंका।
राजस्थान प्रांत के उदयपुर में दुकान में घुसकर टेलर का सिर काटकर हत्या किए जाने का विरोध जिले में भी हो रहा है। सुबह भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी विजय वाजपेयी, सौरभ पांडेय, जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह, अखिलेश तिवारी, बृजेश शुक्ला इस्लामिक आतंकवाद का पुतला फूंकने सदर कोतवाली रोड पर पहुंचे थे।
दीवानी कचहरी से ही कुछ दूरी पर कांग्रेस पार्टी का कार्यालय है। बताते हैं कि भाजपाई पुतला लेकर कांग्रेस कार्यालय में घुसने लगे। यह देख कांग्रेसियों ने विरोध करना शुरू कर दिया।
इसको लेकर भाजपाइयों और कांग्रेसियों में तीखी तकरार होने के साथ हाथापाई होने लगी। कांग्रेसियों ने भी जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
सूूचना पर कोतवाल पहुंच गए और उन्होंने समझाकर मामला शांत कराया। बाद में बाहर जाकर भाजपाइयों ने इस्लामिक आतंकवाद का पुतला फूंका। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि राजस्थान सरकार की लापरवाही से टेलर की नृशंस हत्या की गई।
कार्यालय में घुसकर गुंडागर्दी करने का किया गया प्रयास : पंकज
कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी का कहना है कि भाजपाइयों की तरफ से गुंडागर्दी का परिचय देते हुए पार्टी कार्यालय में घुसकर पुतला फूंकने का प्रयास किया गया। हम सब के विरोध करने पर भाजपाई भाग खड़े हुुए। हम सब इसकी निंदा करते हैं। इस मामले से डीएम-एसपी को भी अवगत करा दिया गया है।
इस्लामिक आतंकवाद का पुतला फूंका गया : रामदेव
भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव पाल ने बताया कि कांग्रेस कार्यालय में कोई भाजपाई नहीं घुसा। जो आरोप लगाया जा रहा है, वह गलत है। दीवानी कचहरी के सामने इस्लामिक आतंकवाद का पुतला फूंका गया। राजस्थान सरकार की नाकामी से ही यह घटना हुई। हम सब आतंकवाद का तीखा विरोध करते हैं।