ऊंचाहार। रायबरेली-ऊंचाहार रेलखंड में रामचंद्रपुर हाल्ट के निकट तेज रफ्तार त्रिवेणी एक्सप्रेस की चपेट में आने से ट्रैक पर पड़ी बाइक के परखचे उड़ गए। बाइक ट्रेन के इंजन में फंसकर काफी दूर घिसटती रही, जिससे चिंगारी निकली। इंजन में फंसी बाइक निकालने के लिए करीब पौन घंटे तक ट्रेन घटनास्थल पर खड़ी रही। रेलवे सुरक्षा बल ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना रविवार सुबह हुई। सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस ऊंचाहार से रायबरेली की तरफ जा रही थी, तभी ट्रैक पर एक व्यक्ति बाइक छोड़कर भाग गया। इससे पहले कि लोको पायलट कुछ समझ पाता और ट्रेन को रोकता, तेज रफ्तार ट्रेन ट्रैक पर पड़ी बाइक से टकरा गई।
जगतपुर थाना क्षेत्र के पूरे पंडित मजरे जमोड़ी गांव का रहने वाला युवक बाइक से गंगा स्नान करने जा रहा था। रामचंद्रपुर के पास ट्रैक पार कर रहा था, तभी बाइक ट्रैक में फंस गई। अचानक ट्रेन आती दिखी तो वह घबरा कर बाइक छोड़कर भाग गया। टक्कर लगने के साथ ही ट्रेन के इंजन में बाइक फंस गई और करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गई।
टक्कर की तेज आवाज से ट्रेन में सफर कर रहे यात्री भी सहम गए। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। आरपीएफ ने घटनास्थल की छानबीन की और बाइक के टुकड़े जुटाए। लोको पायलट के बयान भी दर्ज किए।
एक घंटे तक चला ट्रेन का परीक्षण
त्रिवेणी एक्सप्रेस ऊंचाहार तक समय से चल रही थी, लेकिन रामचंद्रपुर के पास हुए हादसे के कारण लेटलतीफी बढ़ती रही। पहले तो रामचंद्रपुर में पौन घंटे ट्रेन रुकी, फिर लक्ष्मणपुर स्टेशन पर भी करीब 15 मिनट रोक कर ट्रेन की पड़ताल की गई। किसी तरह ट्रेन को रायबरेली पहुंचाया गया, जहां करीब एक घंटे तक गहन परीक्षण चला।
सब कुछ ठीक मिला, जिससे ट्रेन रवाना कर दी गई। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद कुमार ने बताया कि हादसे की वजह से ट्रेन को परीक्षण के लिए रोका गया। आरपीएफ ऊंचाहार के प्रभारी एसके सिंह ने बताया कि बाइक किसकी थी और कौन चला रहा था, इस बारे में पता लगाया जा रहा है।