सतांव। कोरिहर गांव में श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक आचार्य आशुतोष महाराज ने इक्ष्वाकु वंश के राजा भगीरथ की तपस्या व गंगा अवतरण और कर्ण की कथा सुनाई।
कथाव्यास ने कहा कि भगीरथ, राजा दिलीप के पुत्र थे। कठिन तपस्या कर वे मां गंगा को पृथ्वी पर लाए और कपिल मुनि के शाप से भस्म हुए अपने 60 हजार सगर पुत्रों का उद्धार कराया। कथा व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत पुराण में भगवान विष्णु के 22 अवतारों का वर्णन है, लेकिन अनेक धर्मशास्त्रों में उनके 24 अवतारों का विवरण भी मिलता है।
आचार्य ने बताया कि भगवान विष्णु के दशावतार (10 अवतार) प्रमुख हैं। मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि अवतार को दशावतार माना गया है। इस मौके पर अजय तिवारी, सौरभ सिंह, आदित्य मिश्र, पवन तिवारी, राजेश चौरसिया, सत्यम शुक्ल, संजय शुक्ल, लीला सिंह, शारदा, लवकुश श्रीवास्तव, गुड्डू सैनी, अरविंद सैनी, रामू गुप्ता, हरिओम मिश्र, राजू सिंह, रेनू शुक्ल, बबली मिश्र, गुड़िया मिश्र, बेबी शुक्ल, पदमा, मीरा ,आंचल, शुभी, माही, अंशिका, नेहा, नीलम व नीरज अवस्थी मौजूद रहे।