जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने शुक्रवार को कहा कि, जीएसटी को लेकर कुछ तथाकथित लोग व्यापारियों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों से व्यापारी समुदाय को सावधान रहना चाहिए। भाजपा ने एक टैक्स लगाकर व्यापारियों के हित का कार्य किया है। यदि कहीं कोई समस्या आती है तो मामले को ऊपर तक ले जाया जाएगा।
जीएसटी के बारे में अधिकारी भी व्यापारियों को बता और समझा रहे हैं। मीडिया ने जीएसटी मतलब पूछा तो मंत्री बोले, गुुड्स एंड सर्विस टैक्स। जिले के प्रभारी मंत्री रात आठ बजे कचहरी रोड स्थित एक होटल में पहुंचे और व्यापारियों से मुलाकात की। जिन व्यापारियों ने दिन में विरोध प्रदर्शन करते हुए बाजार बंद रखा, उन्हीं व्यापारियों ने यहां मंत्री का माला पहनाकर स्वागत किया।
हालांकि भाषण के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी को लेकर कई सवाल उठाए और कहा कि, मंत्री जी भी व्यापार से जुड़े हैं। ऐसे में वे उनकी पीड़ा समझ सकते हैं। ऐसे में वस्तु एवं सेवा कर में जो खामियां हैं, उनको दूर कराने में व्यापारियों की मदद करेंगे। मंत्री ने व्यापारियों को हर तरह का सहयोग का भरोसा दिया।
इस दौरान डीएम अभय सिंह भी मौजूद रहे। इस मौके पर दिलीप यादव, रामशंकर वर्मा, पंकज मुरारका, बसंत सिंह बग्गा, पुष्पेंद्र सिंह, जयतलरेजा, सुनील सिंह, डॉ. संजय रस्तोगी, योगेश शुक्ला, महादेव गुप्ता, अतुल गुप्ता समेत कई व्यापार मंडलों के व्यापारी व अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को डीएम अभय सिंह के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर जीएसटी में संशोधन की मांग उठाई। संरक्षक डॉ. भारती पांडेय, जिलाध्यक्ष रवि तिवारी, जिला महामंत्री राजू मल्होत्रा ने ज्ञापन में कहा है कि मंडी शुल्क जीएसटी से मुक्त होना चाहिए और व्यापारियों पर आपराधिक मुकदमे का प्रावधान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा ज्ञापन में कई अन्य मांगें शामिल हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि, यदि जीएसटी में संशोधन नहीं किया गया तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
लालगंज में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को एसडीएम को 13 सूत्री ज्ञापन साैंपा। जिसमें जीएसटी में व्याप्त खामियां दूर करने के संबंध में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से अनुरोध किया गया है। एसडीएम ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि वे ये ज्ञापन केंद्रीय वित्तमंत्री को भेज देंगे।
संगठन के नगर अध्यक्ष विवेक शर्मा, शीलू त्रिवेदी, सचिन सिसौदिया, हंसराज, बृजेश सिंह, रोहित सोनी आदि ने शुक्रवार को एसडीएम सुल्तान अशरफ सिद्दीकी को ज्ञापन साैंपा। व्यापारियों ने कहा कि कपड़ा व्यापारियों के पास पहले से मौजूद टैक्स पेड स्टॉक पर भी जीएसटी लागू किया गया है। पूरे देश में मंडी शुल्क एक समान करके मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल किया जाए।
जीएसटी में सजा का सख्त प्रावधान होने से अधिकारी व्यापारियों का शोषण करेंगे। जीएसटी में लाखों की दरों में निर्धारित की गई जुर्माने की दर कम की जाए। पदाधिकारियों ने बताया कि एलईडी बल्ब, पंखा, कूलर जैसी दैनिक उपयोगी सामानों को जीएसटी से मुक्त किया जाए। खाद्य पदार्थों को कर मुक्त किया जाए। जीएसटी में रिफंड देर से होने पर 18 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाए।