रायबरेली। पांच दिवसीय बैंकिंग किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को 350 बैंक शाखाओं में पूरी तरह से तालाबंदी रही। एक दिवसीय हड़ताल को लेकर बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। बैंकों में ताले लटकने से कामकाज नहीं हुआ और लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। हड़ताल से 300 करोड़ का लेनदेन ठप रहा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले हड़ताल शुरू की गई। हड़ताल से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, केनरा बैंक सहित अन्य बैंकों की करीब 350 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। हड़ताल के दौरान फिरोज गांधी कॉलोनी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर यूनियन नेताओं और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने सिविल लाइंस से सुपरमार्केट तक एक मार्च भी निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में बैंककर्मी शामिल हुए।
यूनियंस के समन्वयक डॉ. मधुरेश कुमार सिंह ने बताया कि यह हड़ताल केवल पांच दिवसीय साप्ताहिक काम की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि वे हड़ताल नहीं करना चाहते, लेकिन भारतीय बैंक संघ (आईबी) की वादाखिलाफी के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कहा कि क्लर्क तक की भर्ती नहीं की जा रही है। आउटसोर्सिंग के जरिए सरकार भर्ती करके काम कराना चाहती है। बड़े ऋण आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। वह ऋण लेकर आसानी से विदेशों तक में भाग जाते हैं। सरकार इस पर कोई एक्शन नहीं है।
हड़ताल से 300 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंकों में हड़ताल के कारण जिले के 235 एटीएम से धन निकासी करने लोग पहुंचे। सुपर मार्केट के दिनेश कुमार ने बताया कि बैंक आफ बड़ौदा में चेक जमा करने आए थे, लेकिन वापस लौटना पड़ा। मुंशीगंज निवासी राहुल वर्मा ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक में धन निकासी करने आया था। बैंक बंद होने से एटीएम से रुपया निकालना पड़ा। बैंक आफ बड़ौदा के मैनेजर मुकेश कुमार ने कहा कि हड़ताल का असर दिखा। कामकाज नहीं हुआ। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से अभिषेक सिंह, केनरा बैंक से अरुण सिंह, यूनियन बैंक से माता प्रसाद, पंजाब नेशनल बैंक से धर्मेंद्र सिंह, अयाज अहमद, आशुतोष सिंह, गुरुदत्त, विजयशंकर और शिप्रा ने कहा कि सरकार की हम लोगों के साथ उपेक्षा का बर्ताव कर रही है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एटीएम से हुई धन निकासी
एलडीएम रूपेश दुबे कहना है कि एक दिनी हड़ताल का असर बैंकों के कामकाज पर पड़ा। जिले की 350 बैंक शाखाओं में करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। एटीएम में नकदी होने से ग्राहकों को परेशानी नहीं हुई।