वेतन भोगियों, पेंशनरों को बैंक से वेतन निकलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। बैंकों से रुपये निकालने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। भीड़ होने के कारण घंटों बाद धन निकल रहा है। लोगों को जरूरत अधिक रुपये की है, लेकिन वेतन महज 24 हजार रुपये निकल रहा है।
इससे घर की गाड़ी कैसे चलेगी, यही सोचकर कर्मचारी व पेंशनर परेशान हैं। शहर में तो स्थिति ठीक है, लेकिन देहात क्षेत्र के बैंकों में तो करेंसी की कमी से 24 हजार रुपये भी नहीं निकल पा रहे हैं। इससे वेतनभोगियों, पेंशनरों आदि में नाराजगी है। अलग से काउंटरों की व्यवस्था नहीं की गई है।
खासकर देहात क्षेत्र की बैंकों में 23वें दिन बाद भी करेंसी की कमी बनी हुई है। नगदी संकट के बीच महीने की पहली तारीख होने के कारण सरकारी कर्मियों व पेंशनरों के खाते में वेतन पहुंच गया है। सुबह से ही जिले की बैंकों में बड़ी संख्या में कर्मचारी व पेंशनर वेतन निकालने बैंक पहुंचे।
शहर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों में सुबह से ही कर्मचारी व पेंशनर वेतन के लिए लाइन लगाए नजर आए। भीड़ होने के किसी को एक घंटे तो किसी को दो घंटे बाद वेतन मिल सका।
एक कर्मचारी महज 24 हजार रुपये निकाल पाया, लेकिन उन्हें रुपयों की जरूरत अधिक थी। वेतन से ही घर की गाड़ी चलती है। बच्चों की फीस जमा करना है तो गृहस्थी का सामान खरीदना है। ऐसे में कम वेतन निकलने से कर्मचारियों और पेंशनरों के चेहरे पर शिकन साफ दिखी।
भीड़ होने के बाद भी कर्मचारियों व पेंशनरों को वेतन देने के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं की गई। देहात क्षेत्रों की बैंकों में करेंसी की कमी बनने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। देहात क्षेत्रों में तो 24 हजार रुपये भी नहीं मिल रहे हैं।
वहीं, नोटबंदी के बाद से अब तक एटीएम व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। गुरुवार को सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक के एटीएम बंद रहे। इससे कर्मचारी व पेंशनर वेतन निकालने पहुंचे, लेकिन उन्हें लौटना पड़ा। सुपर मार्केट स्थित बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम चालू रहा, लेकिन धन निकासी के लिए लोगों की लाइन लगी नजर आई।