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स्वच्छ भारत मिशन में रोड़ा बनी बैंकें, आदेश के बाद भी 23 करोड़ दबाए बैठे

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रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में प्रसाधनों के निर्माण में अब विभिन्न बैंक रोड़ा बन गई हैं। लाभार्थियों के खातों में किस्त आरटीजीएस करने के आदेश के बाद भी बैंक शाखाएं 23 करोड़ से अधिक की धनराशि दबाए बैठी हैं।
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समीक्षा में मनमानी पकड़ में आने के बाद सीडीओ ने लीड बैंक मैनेजर समेत जिले की विभिन्न बैंकों की करीब 500 शाखाओं के प्रबंधकों को नोटिस दिया है। तीन दिन में पूरी धनराशि लाभार्थियों के खातों में आरटीजीएस न करने पर खाता बंद कराने की चेतावनी दी है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शासन से बजट मिलने के बाद धनराशि ब्लॉकों को भेज दी गई थी। ब्लॉकों से संबंधित धनराशि लाभार्थियों के खातों में प्रति प्रसाधन 12 हजार रुपये के हिसाब से आरटीजीएस कराकर प्रसाधनों के निर्माण का काम पूरा कराने के आदेश दिए गए थे।
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बताते हैं कि ब्लॉकों से विभिन्न बैंक शाखाओं में 50 हजार से अधिक प्रसाधनों के निर्माण के लिए लाभार्थियों की सूची भेजी गई थी। करीब 47 करोड़ की धनराशि आरटीजीएस करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन बैंक शाखाओं ने मनमानी की है।
सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा की तो पाया कि 47 करोड़ में मात्र 24 करोड़ की धनराशि की लाभार्थियों के खातों में आरटीजीएस की गई है। शेष 23 करोड़ रुपये अब भी बैंक शाखाएं दबाए बैठी हैं।
मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए सीडीओ ने बीओबी के लीड बैंक मैनेजर, मुख्य शाखा प्रबंधक एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक की रोहनियां व नसीराबाद के शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की दीनशाह गौरा, छतोह, रोहनियां के मैनेजर, को-ऑपरेटिव बैंक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की सभी शाखा के प्रबंधकों, इलाहाबाद बैंक की रायबरेली व सलोन शाखा के प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक, बीओबी रायबरेली, ददौर, बछरावां, महराजगंज, सेमरी, अमावां, मलिकमऊ, जगतपुर, सलोन, गेगासों, खीरों, लालगंज, परशदेपुर, रेलकोच, सरेनी, जगदीशपुर, हरदासपुर, टेकारी दांदू, हरचंदपुर, ऊंचाहार, बेड़ारू, रतापुर, डलमऊ, धरई के शाखा प्रबंधकों को नोटिस दिया है।
सीडीओ ने तीन दिन में खातों में किस्त आरटीजीएस करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर बैंक शाखाओं से संबंधित खाते को बंद करने की चेतावनी दी है।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा की गई तो बैंकों की लापरवाही सामने आई है। 47 करोड़ रुपये आरटीजीएस करने के लिए बैंकों की शाखाओं को सूची दी गई, लेकिन अब तक 24 करोड़ रुपये ही आरटीजीएस किए गए। बैंकों को तीन दिन का समय दिया गया है। काम पूरा न करने पर एसबीएम के खाते बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।- राकेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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