बच्चों में जुकाम-बुखार में बंटने के लिए आई 60 हजार सीरप के वितरण पर रोक
- यूपीएमएससीएल लखनऊ में एजिथ्रोमाइसीन ओरल सस्पेंशन का भरा नमूना मिस्ब्रांड
- सीएचसी-पीएचसी से वापस मांगी सीरप, फर्म को सीरप वापस लेने के आदेश दिए
रायबरेली। बच्चों को जुकाम-बुखार से बचाने के लिए सरकारी अस्पतालों में बांटी जा रही करीब 60 हजार एजिथ्रोमाइसीन ओरल सस्पेंशन सीरप के वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन (यूपीएमएससीएल) लखनऊ से भरे गए सीरप के नमूने मिस्ब्रांड पाए जाने के बाद शासन ने बच्चों को सीरप देने से मना करने के साथ ही कंपनी को वापस कराने के आदेश दिए हैं।
सीएमओ ने सभी सीएचसी व पीएचसी के अधीक्षकों को वितरण पर रोक लगाते हुए सिरप को वापस लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही सीरप बनाने वाली मेसर्स टेरेस फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को भी सीरप वापस लेने के आदेश दिए हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में रोगियों में बंटने के लिए आने वाली दवाओं की आपूर्ति उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन (यूपीएमएससीएल) लखनऊ से सीधे किया जाता है।
लखनऊ में ही एजिथ्रोमाइसीन ओरल सस्पेंशन 100 एमएल व पांच एमएल के नमूने सील करके जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में सीरप के सभी नमूने मिस्ब्रांड पाए गए। मानकों पर खरा न उतरने की जानकारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। शासन ने एजिथ्रोमाइसीन ओरल सस्पेंशन 100 एमएल व पांच एमएल सीरप का वितरण अस्पतालों में करने से रोक दिया है।
शासन का पत्र आते ही सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को अस्पताल में उपलब्ध सीरप का वितरण तत्काल बंद करने के साथ ही जिला मुख्यालय स्थित गोदाम को वापस करने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने मेसर्स टेरेस फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को सीरप को वापस लेने के लिए पत्र भी भेज दिया है।
मेसर्स टेरेस फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में तैयार 100 एमएल और पांच एमएल के एजिथ्रोमाइसीन ओरल सस्पेंशन सीरप के उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लखनऊ में सभी 27 बैचों के नमूने सील कराकर जांच के लिए भेजवाए गए थे। जांच में सभी बैच के नमूने मिस्ब्रांड पाए गए हैं। जिसके बाद सभी बैच की सीरप के वितरण पर रोक लगाने के साथ ही कंपनी को वापस करने के आदेश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लखनऊ से 100 एमएल और पांच एमएल के एजिथ्रोमाइसीन ओरल सस्पेंशन सीरप के भरे गए नमूने जांच में फेल पाए जाने के बाद वितरण पर रोक लगाई गई है। सीएचसी पीएचसी से सीरप वापस मांगी गई है। कंपनी को भी सीरप को वापस लेने के लिए पत्र भेज दिया गया है । - डॉ. एम नारायण, प्रभारी सीएमओ