बछरावां कस्बे में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा करते लोग।
बछरावां (रायबरेली)। कस्बे के आरके चौधरी अस्पताल में सिजेरियन प्रसव में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। प्रसूता की माैत के बाद परिवार के सदस्यों ने शव रखकर अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया। करीब छह घंटे तक हंगामे के बाद मामले में हॉस्पिटल के डाॅक्टर और स्टाफ के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। उधर, सीएमओ ने भी मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के आदेश दिए हैं।
शिवगढ़ थाना क्षेत्र के अलौलापुर मजरे तौली गांव निवासी ममता उर्फ पूजा (23) पत्नी आशीष कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर बीती 15 अगस्त को महाराजगंज के घुरौना उपकेंद्र ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उसे बछरावां स्थित आरके चौधरी हॉस्पिटल की गाड़ी मंगवाकर यहां भर्ती कराया गया। मृतका ममता के जेठ अजय कुमार का आरोप है कि आरके चौधरी हॉस्पिटल के डॉक्टर ने ममता का ऑपरेशन किया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। करतूत को छुपाने के लिए चिकित्सक ने ममता को संजीवनी हॉस्पिटल भेजा।
संजीवनी हॉस्पिटल ने मरीज को भर्ती करने से मनाकर दिया तो एंबुलेंस से ममता को गंभीर हालत में क्वीन मेरी अस्पताल लखनऊ पहुंचाया गया। बीती 17 अगस्त की रात वहां इलाज के दौरान ममता की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार को परिवार के लोगों ने आरके चौधरी अस्पताल के सामने शव को रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
करीब छह घंटे तक हंगामे के बाद पुलिस ने हॉस्पिटल के अज्ञात चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। नवजात की हालत भी नाजुक बताई जा रही है। कोतवाल राजीव सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।