एसपी दफ़्तर में बैठक करने के बाद बाहर निकलते अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार।
रायबरेली। लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रवीण कुमार ने मंगलवार को जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एडीजी ने साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूकता को अत्यंत जरूरी बताया।
पुलिस स्कूलों में जाकर बच्चों और उनके अभिभावकों को डिजिटल निजता तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करेगी। बच्चों को सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत निजता की अहमियत समझाई जाएगी। अनजान लोगों और समूहों से जुड़ने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी जाएगी। बच्चों और अभिभावकों को बताया जाएगा कि डिजिटल क्षेत्र में की गई गतिविधियां डिजिटल साक्ष्य के रूप में दर्ज हो सकती हैं। इसलिए ऑनलाइन गतिविधियों में सावधानी बरतना आवश्यक है।
एडीजी ने कहा कि उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था का आकलन, आगामी चुनौतियों की तैयारी और साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करना था। यह समीक्षा शासन और पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के निर्देशों के अनुपालन के लिए की गई। अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए गए।
एडीजी ने पुलिस व्यवस्था में हुए सुधारों और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन कानूनों के अनुरूप पुलिस की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाया गया है। अधिकारियों-कर्मचारियों को उसी के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। एडीजी ने कहा कि एकीकृत पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी के शिकार लोगों की रकम को समयबद्ध तरीके से वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रायबरेली में हाल के दिनों में साइबर ठगी के मामलों में अच्छी वसूली हुई है।