अमावां। रतापुर स्थित जेएन हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने पर मंगलवार को परिजनों का गुस्सा भड़क गया। रतापुर चौराहा पर युवती का शव रखकर प्रदर्शन करने के बाद लखनऊ-प्रयागराज हाईवे को जाम करने का प्रयास किया।
इस दौरान लोगों और मिल एरिया पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई और अफरातफरी का माहौल रहा। लोगों का गुस्सा बढ़ने के बाद पुलिस ने नर्सिंगहोम संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
बीती 12 अप्रैल की रात पेट में तेज दर्द होने के बाद रतापुर निवासी शालिनी (22) पुत्री जमुना प्रसाद चौरसिया को रतापुर स्थित जेएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। संचालक ने 10 हजार रुपये जमा कराने के बाद इलाज शुरू किया। आरोप है कि गत सोमवार की सुबह आठ बजे मरीज को इंजेक्शन लगाते ही युवती की हालत बिगड़ने लगी।
परिजनों के अनुरोध के बाद भी चिकित्सकों ने युवती की सेहत पर ध्यान नहीं दिया। 20 हजार रुपये और जमा कराने का प्रयास किया। करीब नौ बजे युवती की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा करके प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस ने तहरीर लेने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने का भरोसा दिया।
पुलिस ने मंगलवार को दूसरे दिन भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया। शहर को रतापुर में रखकर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद भी पुलिस के सक्रिय न होने पर गुस्साए लोगों ने लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर शव रख कर जाम लगाने का प्रयास किया। इस दौरान मिल एरिया पुलिस और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
दबाव बढ़ने पर पुलिस ने युवती के पिता जमुना प्रसाद की तहरीर पर जेएन हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आरके मेहरोत्रा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर लिया। मिल एरिया थाना प्रभारी संजय कुमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर जेएन हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज करके विवेचना शुरू कर दी गई है।
हॉस्पिटल का लाइसेंस होगा निलंबित
युवती की मौत के बाद जेएन हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया में जुट गया है। हॉस्पिटल में चिकित्सीय क्रियाओं को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसीएमओ डॉ. अंबिका प्रकाश ने बताया कि मामले की जांच तेज कर दी गई है। जल्द ही हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित करने के साथ ही अन्य प्रक्रिया पूरी की जाएगी।