रायबरेली। महराजगंज में एक स्कूली बस में कक्षा तीन की छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद स्कूल प्रबंधकों को 800 से अधिक स्कूली वाहनों के चालकों का सत्यापन पुलिस से कराने का आदेश दिया गया था। हालांकि संचालकों ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है। इस पर एआरटीओ ने नाराजगी जताते हुए स्कूल प्रबंधकों को चेतावनी दी है। कहा, निरीक्षण के दौरान बिना सत्यापन के चालक वाहन चलाते मिले तो कड़ी कार्रवाई होगी।
बीती 10 अप्रैल को स्कूल प्रबंधकों को सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही चालकों का सत्यापन कराने के बाद ही स्कूली वाहन चलाने देने के निर्देश दिए गए थे। वहीं छात्राओं को घर से लाने और पहुंचाने तक प्रत्येक वाहन में एक शिक्षिका को मौजूद रहने को भी कहा गया था। इसके बावजूद इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सभी स्कूलों को चालकों का सत्यापन कराने का अंतिम मौका दिया गया है। निरीक्षण के दौरान बिना मानक मिले स्कूली वाहनों और संबंधित स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।