डलमऊ (रायबरेली)। राह चलते कोई छींटाकशी कर रहा है या फिर आपके साथ मारपीट कर रहा है। आप अकेले हैं। इस पर घबराएं नहीं बल्कि साहस का परिचय दें। हेल्पलाइन नंबर 1090 पर फोन करें। फोन के बाद कुछ देर बाद ही पुलिस आपकी मदद के लिए पहुंच जाएगी। इस हेल्प लाइन में शिकायत करने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है। महिलाएं अब किसी के कम नहीं हैं।
बस जरूरत है कि वह अपने अधिकारों को समझें। उसे जोरदारी के साथ उठाएं। डलमऊ कस्बे के आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज मुराईबाग में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला में कुछ इसी अंदाज में सीओ लालगंज राघवेंद्र चतुर्वेदी ने छात्राओं को जागरूक किया और उनसे मुसीबत में धैर्य, साहस का परिचय देने के लिए प्रेरित किया।
सीओ ने कहा कि करीब 50 साल के समय में महिलाओं पर विभिन्न प्रकार के कुप्रभाव का प्रकोप वर्तमान समय में छंट गया है। महिलाएं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर अपना कार्य कर रही हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं। खासकर महिला अपराध रोकने के लिए थानों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित कराई गई है।
आज महिलाएं समाज के सामने सशक्त होकर खड़ी हैं। छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई भी छात्रा को कोई व्यक्ति छेड़छाड़ या अन्य प्रकार से प्रताड़ित करता है तो उन्हें पुलिस की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में बढ़ते सड़क हादसे भी चिंता का विषय हैं। इसलिए जरूरी है कि आप सब यातायात नियमों का पालन करें। गाड़ी चलाते समय नशा न करें और न ही मोबाइल से बात करें। हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें। जागरूकता से ही हादसों से बचा जा सकता है।
हम सबको यातायात के नियमों के आधार पर ही सड़क पर चलना चाहिए। यदि वाहन पर सफर कर रहे हैं तो बिना हेलमेट लगाए यात्रा ना करें। हेलमेट लगाकर हम सभी स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी सुरक्षित रखने में सहायक होते हैं। छात्राएं मुसीबत के समय बेहिचक होकर पुलिस की मदद लें। उनकी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई करती है।
लालचंद्र सरोज, कोतवाल, डलमऊ
महिला सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। इसके लिए महिला शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। छींटाकशी की घटनाओं को रोकने के लिए एंटी रोमियो टीमें हर थाने पर गठित की गई हैं। अब भी लड़कियां पुलिस से शिकायत करने में डरती हैं। यह मिथक तोडना होगा। मुसीबत पर तुरंत पुलिस की मदद लेनी चाहिए।
अर्चना, उपनिरीक्षक, एंटी रोमियो टीम
पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं को दी जानकारी अहम रहीं। खासकर महिला सुरक्षा संबंधी जो जानकारी अफसरों की तरफ से दी गई, उनका पालन करना चाहिए। छात्राएं किसी दबाव में न आकर मुसीबत में पुलिस की मदद लें। ऐसा करके ही हमारा समाज सुखी और खुशहाल होगा। यातायात नियमों का पालन जरूर किया जाए।
राकेश यादव, प्रधानाचार्य
छात्रा समन इश्तियाक, छात्रा दिविषा कहती हैं कि महिला अपराध रोकने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन इनका कड़ाई से पालन नहीं कराया जा रहा है। यदि कड़ाई से नियमों का पालन कराया जाए तो महिला संबंधित घटनाओं में कमी आ सकती है।
छात्रा ज्योति यादव, छात्रा अस्मिता कहती हैं कि प्रतिदिन विद्यालय छूटने के समय मुराईबाग चौराहा के आसपास भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे सड़क से निकलने में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को सुधारा जाए, ताकि आवागमन बेहतर हो सके।
छात्रा अनुष्का, छात्रा पूर्णिमा यादव कहती हैं कि विद्यालय के आसपास दुकानों के पास खड़े युवक छींटाकशी या फिर तंज मारते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित करके उनके खिलाफ कार्रवाई जाए। सड़क हादसे रोकने के लिए और नियम सख्त बनाए जाएं।
छात्रा छाया यादव, छात्रा शुभांशी कहती हैं कि अक्सर देखा जाता है कि शिकायत के बाद भी पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं करती। इससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। पुलिस भी अपना नजरिया बदले और कोई मामला आए तो उस पर सख्त एक्शन ले।