रायबरेली। फर्जी दस्तावेज की मदद से बैंकों में खाता खुलवाकर पैसों का लेनदेन कराने वाला रहीम पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सादिकाबाद का रहने वाला है। साइबर अपराध के माध्यम से टेरर फंडिंग के लिए उसने खाड़ी देशों के साथ ही पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश तक मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया है।
पुलिस और एसटीएफ की जांच में पता चला है कि रहीम अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का सरगना है। उसके इशारे पर गिरोह के सदस्य लोगों को पैसों का लालच देकर बैंक खाता खुलवाते हैं। इसके बाद उन खातों में विदेशों से पैसे भेजे जाते हैं। ऐसे में जमा की जानकारी है। निकासी का भी विवरण है, लेकिन खर्च की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
रायबरेली की डीह पुलिस ने शुक्रवार को साइबर क्राइम के आरोप में संजय पांडेय, सोनू पांडेय, दुर्गेश और दीपक सिंह को गिरफ्तार किया है। उनके तार विदेश में बैठे रहीम से जुड़े मिले। इन्हीं के माध्यम से रहीम बिहार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल व झारखंड में बैंक खाता खुलवाया था। सभी खातों से करीब 120 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। 42 करोड़ रुपये अन्य बैंक खातों के माध्यम से निकाले गए हैं।
दुबई में संजय और रहीम की हुई थी मुलाकात
जांच में पता चला है कि आरोपी संजय पांडेय नौकरी के सिलसिले में 2023 में दुबई गया था, जहां उसकी मुलाकात रहीम से हुई थी। रहीम ने संजय को पैसे का लालच देकर भारत भेजकर लोगों के बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार किया। चार माह बाद संजय भारत लौट आया। उसने बड़ी संख्या में लोगों के खाते खुलवाए और डेबिट कार्ड व चेकबुक अपने पास रख लिए। इसके बदले रहीम ने संजय और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को मोटा कमीशन दिया।
एनआईए को विवेचना ट्रांसफर कराने की तैयारी
मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। पुलिस के पास जांच के लिए एक्सपर्ट नहीं हैं। अभी जांच डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज कर रहे हैं। मामले की पेचीदगी और गंभीरता को देखते हुए पुलिस अफसर विवेचना को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) को ट्रांसफर करने की तैयारी में हैं।