रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर एक और एस्केलेटर लगाया जाएगा, जिससे प्लेटफॉर्म बदलने में यात्रियों को काफी सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए उपकरण आने शुरू हो गए हैं, जिन्हें स्टेशन के दूसरी तरफ रखवाया गया है। एक हफ्ते बाद काम शुरू होने की संभावना है। पहले से ही प्लेटफार्म नंबर एक पर एस्केलेटर लगा हुआ। दूसरा एस्केलेटर लगने से काफी सुविधा मिल सकेगी।
शहर के रेलवे स्टेशन पर छह प्लेटफाॅर्म हैं, जिनमें चार प्लेटफाॅर्मों पर ट्रेनें रुकती हैं। यात्रियों का आना-जाना रहता है। प्लेटफॉर्म बदलने के लिए पूर्वी और पश्चिमी छोर पर दो पैदल पुल बने हैं। पैदल पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढि़यां बनी हैं। दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को सुविधा देने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर भी लगाए गए हैं। पश्चिमी छोर के पैदल पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए प्लटफाॅर्म नंबर एक पर पहले से ही एस्केलेटर लगा है, वहीं प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर लिफ्ट भी लगी है।
अब दूसरा एस्केलेटर लगाने की तैयारी है। एस्केलेटर दो हिस्सों में रहता है, जिसमें एक हिस्सा चढ़ने और दूसरा हिस्सा उतरने के लिए लगाया जाता है। एस्केलेटर का एक हिस्सा आ चुका है, जिसे रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ रखवाया गया है। दूसरा हिस्सा भी जल्द आ जाएगा।
प्लेटफार्म चार पर लगने से हल नहीं होगी समस्या
दूसरा नया एस्केलेटर पश्चिमी छोर के पैदल पुल के लिए संयुक्त प्लेटफाॅर्म चार-पांच पर लगेगा, लेकिन इस प्लेटफॉर्म पर कोई भी ट्रेन नहीं रुकती है। अगर इस प्लेटफॉर्म पर एस्केलेटर लग गया तो रखरखाव और सुरक्षा की चिंता हमेशा बनी रहेगी। यात्रियों की समस्या भी हल नहीं होगी। पहले पूर्वी छोर के पैदल पुल के लिए प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर ही एस्केलेटर लगाने का प्रस्ताव बना था, लेकिन अब स्थान बदल दिया गया है। हालांकि, इस पर अभी से विरोध जताया जाने लगा है। संभव है कि एस्केलेटर जरूरत वाली जगह पर लगेगा।
पैदल पुल का उखड़ने लगा प्लास्टर
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन के पैदल पुल का प्लास्टर उखड़ने लगा है। इससे कई जगह दरारें नजर आ रही हैं। पैदल पुल की सीढि़यों के लिए बनी दीवार में दरारें दिख रही है। इसे दुरुस्त कराने के लिए मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया है। सहायक मंडल अभियंता आईजे सिंह का कहना है कि प्लास्टर में दिख रही दरारों की मरम्मत कराने के आदेश दे दिए गए हैं।
इससे पैदल पुल की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है। नमी के कारण प्लास्टर छूटने लगता है तो दरारें जैसी नजर आने लगती हैं। मरम्मत के बाद सब सही हो जाएगा। (संवाद)