रायबरेली। बिजली कटौती से खफा दबंगों ने शनिवार की रात विद्युत उपकेंद्र देदौर पहुंचकर न सिर्फ सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) की पिटाई की, बल्कि उपकेंद्र में रखे दस्तावेज फाड़ दिए। सरकारी मोबाइल तोड़ दिया। सहायक ने किसी तरह भाग कर जान बचाई। इस घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि यह तीसरा घटना थी। इसके पहले भी दबंगों ने कई बार उपकेंद्र आकर गाली गलौज और मारपीट कर चुके हैं। इसकी जानकारी होने पर सोमवार को अधीक्षण अभियंता विवेक अग्रवाल ने उपकेंद्र पहुंचकर घटना की जांच की। मामले में सख्त कार्रवाई करवाने का भरोसा कर्मचारियों को दिया।
रविवार की बिजली की अघोषित कटौती होने के कारण रात 10 बजे सप्लाई बंद थी। इससे नाराज होकर देदौर निवासी अभिषेक, रंजीत, शिवशंकर उर्फ शिब्बू, बीनू चौधरी के अलावा चार अज्ञात लोग उपकेंद्र पहुंचे। मौजूद एसएसओ शिवांचल पटेल से बिजली चालू करने को कहा। अघोषित कटौती का हवाला देने पर एसएसओ के साथ गाली गलौज करने के साथ उसकी पिटाई कर दी। दबंगों ने सरकारी लॉक बुक फाड़ दिया। सीयूजी मोबाइल तोड़ दिया। दबंगों की पिटाई से सोने की चेन, 800 रुपये गिर गए। बीच बचाव का प्रयास करने पर सहायक प्रदीप कुमार को मारने दौड़े। उसने किसी तरह भाग कर जान बचाई। उसके चिल्लाने पर ग्रामीण दौड़े, इस पर हमलावर भाग निकले। कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने बताया कि चार नामजद समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है।
बिजली कटौती से नाराज व्यापारियों ने घेरा विद्युत उपकेंद्र, प्रदर्शन
बछरावां। बिजली कटौती से नाराज व्यापारियों ने सोमवार को विद्युत उपकेंद्र बछरावां का घेराव किया। पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली कटौती को बंद कराए जाने की मांग की। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिजली कटौती से कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष विजयपाल यादव की अगुवाई में व्यापारी विद्युत उपकेंद्र पहुंचे। वार्ता करने के लिए व्यापारियों ने जब अवर अभियंता को फोन मिलाया तो मोबाइल बंद रहा। इससे व्यापारी आक्रोशित हो गए। बिजली विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर अवर अभियंता अजय कुमार सैनी, एसओडी शशांक गुप्ता मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। व्यापारियों ने कहा कि जनता की समस्याओं के लिए महीने में दो दिन का समय निर्धारित किया जाए, ताकि लोग आए तो उनकी शिकायतें दूर हो सके। इस मौके पर मनोज मिश्रा, अमित वर्मा, विकास सोनी, राममनोहर धोबी, चंद्रप्रकाश गुप्ता, मुन्नू गुप्ता मौजूद रहे।