भदोखर थाना क्षेत्र के दरियापुर क्षेत्र में लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर स्थित कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायो मेडिकल साइंस में पढ़ने वाली छात्राओं ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। सिंदूर मिटवाए जाने से , अव्यवस्थाओं और अभद्र व्यवहार पर भड़की छात्राओं ने न सिर्फ कक्षाओं का बहिष्कार किया, बल्कि गेट बंद कर निदेशिका को हटाने की मांग की। साथ ही वार्डेन की तैनाती किए जाने की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान निदेशिका और छात्राओं की कहासुनी भी हुई।
इसकी सूचना मिलते ही सीओ व तहसीलदार सदर मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार व सीओ ने छात्राओं से बात की और अव्यवस्थाएं दूर कराए जाने का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। बवाल के चलते दो घंटे से ज्यादा समय तक अफरातफरी रही। हाईवे के किनारे संस्थान होने के कारण कई बार जाम की नौबत आई, लेकिन पुलिस ने छात्राओं को रोड जाम करने से रोके रखा।
लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग स्थित कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायो मेडिकल साइंस में बृहस्पतिवार सुबह छात्राओं ने पढ़ाई छोड़कर परिसर से बाहर आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। छात्राओं का आरोप है कि यहां पर पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है। कुछ छात्राओं ने फीस ज्यादा लेने की बात कही। यहां तक आरोप लगाया कि सिंदूर लगाने पर भी आपत्ति की जाती है और उसे मिटवा दिया जाता है। निदेशिका पर अपशब्द और अभद्रता व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।
सूचना पर तहसीलदार सदर सौरभ शुक्ला व सीओ श्वेता श्रीवास्तव, थानेदार आरके सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। सीओ व तहसीलदार ने छात्राओं व निदेशिका से हंगामे के बारे में पूछताछ की। अधिकारियों ने छात्राओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। साथ ही निदेशिका से बात करके छात्राओें को किसी तरह की परेशानी न होने की बात कही। हंगामे की वजह से दो घंटे तक अफरातफरी रही। इसके बाद कक्षाएं शुरू हुईं।
हंगामे के दौरान एक छात्रा की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। इससे अन्य छात्राओं में हड़कंप मच गया। अन्य छात्राओं ने पानी का छिट्टा मारा तो छात्रा को होश आया। हालांकि छात्रा ने अपना नाम नहीं बताया। उसे साथी छात्राओं ने संभाला और कक्षा में ले गईं। तहसीलदार सदर सौरभ शुक्ला ने बताया कि कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायो मेडिकल साइंस में पढ़ने वाली छात्राओं ने पीने के लिए पानी न होने और सिंदूर मिटवाने समेत अन्य आरोप लगाकर हंगामा किया।
सूचना पर पहुंचकर सभी को समझा दिया गया है। छात्राओं की पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। यही टीम छात्राओं की पीड़ा सुनकर उसका निराकरण करेंगी। साथ ही कहा गया है कि गठित टीम के कहने पर संस्थान समस्याएं दूर न कराए तो फिर उनको अवगत कराया जाए। वहीं कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायो मेडिकल साइंस की निदेशिका डॉ. स्तुति सिंह का कहना हे कि मेस को लेकर छात्राओं में कुछ समस्याएं थी, जिनको दूर करा दिया गया है।
छात्राओं का एक समन्वयक दल बनाया गया है, जो समय-समय पर संस्थान प्रबंधन को समस्याओं से अवगत कराएगा। छात्राओं से कोई दुर्व्यवहार या अभद्रता नहीं की गई है। वेशभूषा को लेकर टोका गया था। सिंदूर हटवाने को नहीं कहा गया है।