करीब दस साल से घिसट रही आरडीए की अमोल विहार आवासीय कॉलोनी को आखिरकार हरी झंडी मिल ही गई। भारतीय स्मारक प्राधिकरण दिल्ली ने निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए एनओसी प्रदान कर दी है।
इससे अब अत्याधुनिक फ्लैट के साथ ही कॉमर्शियल समेत अन्य निर्माण कार्यों के शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। आरडीए की ओर से सई नदी शहीद स्मारक के निकट अमोल विहार आवासीय योजना शुरू की गई थी।
वर्ष 2005-06 में भूखंड के लिए पंजीकरण खोला गया। बाद में इसका स्वरूप बदल दिया गया। आवंटियों को धन वापस करते हुए ग्रुप और रो हाउसिंग के साथ कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और विद्यालय निर्माण की रूपरेखा तैयार की।
टेंडर प्रक्रिया के साथ ही काम शुरू भी हो गया। इसी दौरान भारतीय स्मारक प्राधिकरण दिल्ली ने नोटिस दे दिया। इससे काम की रफ्तार थम गई। आरडीए की ओर से एनओसी के लिए काफी भागदौड़ की गई।
लगातार प्रयास के बाद स्मारक प्राधिकरण ने आरडीए को एनओसी प्रदान कर दी है। इससे अब बड़े शहरों की तर्ज पर फ्लैट, अत्याधुनिक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स आदि के निर्माण में तेजी आ सकेगी।
आरडीए के मुख्य अभियंता एसके सिंह ने बताया कि आवासीय योजना में अब तेजी आएगी। वर्ष 2005-06 में इसका बजट 9.22 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ था। अब फ्लैट और कॉम्प्लेक्स आदि का निर्माण होना है।
ऐसे में नए सिरे से आंकलन होगा। अनुमानित लागत तय करके प्राधिकरण उपाध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, ताकि काम में कोई बाधा न आए।