रायबरेली। जिले के सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव और इलाज में बरती जा रही मनमानी के कारण 12 दिन में 17 नवजातों की मौत के मामले में डीएम नेहा शर्मा ने गंभीर रुख अपनाया है। शनिवार के अंक में अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद डीएम ने सीएमएस को पत्र जारी करके जवाब-तलब किया है।
नवजातों की मौतों के कारणों के संबंध में पूरी रिपोर्ट देने के आदेश दिए। डीएम ने संक्रामक रोगों से लोगों को बचाने के लिए अब तक की गई तैयारियों के बारे में भी जानकारी मांगी है। डीएम के गंभीर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
अमर उजाला ने शनिवार के अंक में बच्चा वार्ड में 12 दिन में 17 नवजातों की मौत शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में स्वास्थ्य विभाग की लचर इलाज प्रक्रिया की भी पोल खोली गई है। सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम ने नवजातों की मौत के संबंध में जवाब मांगा है। जवाब तैयार कराया जा रहा है।