रायबरेली। जिले के शैक्षिक संस्थाओं में हिंदी दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। कहीं गोष्ठियां हुईं तो कहीं प्रतियोगिताओं का आयोजन कर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। कुछ संस्थाओं ने तो हिंदी सप्ताह और हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ किया, ताकि हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा सके।
इंदिरा गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में प्राचार्य डॉ. सुषमा देवी ने कहा कि हिंदी हमारी आत्मा की भाषा है और हमारा गौरव है। हिंदी भाषा का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। मुख्य वक्ता डॉ. रामदर्शन ने कहा कि हिंदी भाषा के समुचित प्रचार-प्रसार के लिए इच्छाशक्ति जरूरी है।
डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. प्रीति तिवारी, पूजा तिवारी, सरिता, अनीसा, मनीषा, ज्योति, हसीना बानो ने भी विचार व्यक्त किए। ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी ऊंचाहार में हिंदी दिवस समारोह मनाने के साथ पखवाड़ा का शुभारंभ भी हुआ। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा से आई विशिष्ट वक्ता डॉ. ऋचा द्विवेदी ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमने कहीं न कहीं अपने मूल भाव को छोड़ दिया है। अब हम अपनी जड़ों को पहचानें और उस पर ध्यान दें। भोलानाथ मिश्र, बृजकिशोर पांडेय, पवन कुमार मिश्र, एके मुंडा, पी. रामप्रसाद, अरिंदम बनर्जी आदि मौजूद रहे।
जवाहर विहार स्थित दुर्गा इंटरमीडिएट कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसके जरिए हिंदी की दयनीय स्थिति को प्रदर्शित किया गया। नैंसी शर्मा, अंजलि तिवारी, समीर सिंह यादव ने हिंदी के महत्व को समझाया। अभिषेक पाल ने गीत सुनाया। वंदना सिंह, रमेशचंद्र शुक्ला, जयचंद्र अवस्थी, श्वेता, रजत शर्मा, पूनम, प्रतिभा, रूपाली, हरकेश आदि मौजूद रहे। हेमकुंड पब्लिक स्कूल में प्रबंधक पुष्पिंदर सिंह ने व्याख्यान दिया। अमनदीप कौर, आराधना मिश्रा, साधना शुक्ला, कुलदीप सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। अभिभाषण, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता कराई गई। सकल नारायण इंटर कॉलेज में बच्चों ने रंगोली सजाई। गायन प्रतियोगिता में श्रेया चौहान प्रथम, युवराज सिंह द्वितीय रहे। संजय सिंह, प्रबोध बाजपेयी, कौशलेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, महेंद्र, आलोक शुक्ला, संतोष तिवारी, अनीता दीक्षित आदि मौजूद रहीं।
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