लालगंज। कस्बे के घोषियाना मोहल्ले स्थित राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की भूमि से संबंधित इकरारनामा प्रशासनिक जांच में गलत पाया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच के बाद उपजिलाधिकारी ने 30 जून 2026 को सौंपी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि विद्यालय पिछले 70-80 वर्षों से इस भूमि पर संचालित हो रहा है और मूल खातेदारों का कब्जा बहुत पहले समाप्त हो चुका है।
मामला ग्राम दतौली के गाटा संख्या-4 की 0.873 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। इसी वर्ष 22 मई को इस भूमि का इकरारनामा किया गया था, जिसमें इसे निर्माण शून्य दर्शाया गया था। नगरवासियों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। एसडीएम और निबंधन कार्यालय की संयुक्त जांच में यह दावा गलत पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर विद्यालय के पक्के भवन, कक्ष, कार्यालय और शौचालय मौजूद हैं। जांच में इकरारनामा गलत तथ्यों पर आधारित और अविधिक माना गया है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि राजस्व अभिलेखों में भूमि अभी विद्यालय के नाम दर्ज नहीं है, लेकिन लंबे समय से विद्यालय का वास्तविक कब्जा है। एसडीएम ने आशंका जताई है कि इस प्रकार के इकरारनामे से अनावश्यक मुकदमेबाजी और संपत्ति के खुर्द-बुर्द होने की संभावना है। उन्होंने विद्यालय की प्रधानाचार्य को शासन अथवा सक्षम न्यायालय के आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने तथा भूमि के अधिकार के लिए सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने के निर्देश दिए जाने की संस्तुति की है। साथ ही संबंधित प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की भी सिफारिश की गई है।
धरोहर बचाओ समिति के संयोजक राघवेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि छह जुलाई को संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इकरारनामा कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और भूमि को शिक्षा विभाग के नाम दर्ज कराने की मांग की जाएगी।