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सेंट्रल जेल में बंद राजू का यू-टयूब पर वीडियो देख व्यापारी से मांगे थे रुपये

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रायबरेली। लखनऊ सेंट्रल जेल में बंद शातिर अपराधी राजू भारती का यू-टयूब पर अपलोड रंगदारी मांगने का वीडियो दो युवकों को इस कदर भाया कि वे अपराध की दलदल में कूद पड़े। दोनों ने रंगदारी मांगने की योजना बना डाली। एक सराफा व्यापारी से 50 लाख की रंगदारी मांगी तो हड़कंप मच गया।
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एसओजी टीम और महराजगंज कोतवाली पुलिस के आगे उनकी मंशा सफल नहीं हो पाई और सोमवार को दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। दोनों के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल, सिम और अवैध असलहा बरामद किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि चार जुलाई को महराजगंज कस्बा स्थित शिप्रा ज्वेलर्स के मालिक अरुण सोनी को फोन करके 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग गई थी। धमकी देने वाले ने अपने को लखनऊ जेल में बंद वांटेड राजू भारती बताया था। काफी देर तक धमकाने के बाद हर हाल में रुपये देने की धमकी दी। ऐसा न करने पर जान से मारने तक की धमकी दी गई है।
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मामला संज्ञान में आने पर महराजगंज कोतवाल रेखा सिंह, एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, सर्विलांस टीम प्रभारी राम आशीष उपाध्याय की टीम को आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया गया। जिस नंबर से फोन करके धमकी दी गई, उस नंबर को सर्विलांस से ट्रेस किया गया तो मामले की हकीकत सामने आ गई।
एएसपी ने बताया कि शिवगढ़ मोड़ के पास से महराजगंज कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने दो आरोपियों को दबोच लिया। इनमें महराजगंज कस्बा निवासी रतन रस्तोगी और महराजगंज कस्बे के प्रकाश नगर निवासी अभिषेक उर्फ कुनाल को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि शातिर अपराधी राजू भारती का यू-टयूब पर रंगदारी मांगने का एक वीडियो अपलोड किया गया था।
यही वीडियो देखकर पकड़े गए युवकों ने भी रंगदारी मांगने की योजना बनाई। सभी आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। उन्हें पैसे की जरूरत थी। इसलिए अपराध के दलदल में कूद पड़े। एएसपी ने बताया कि राजू भारती सेंट्र्ल जेल लखनऊ में इस समय बंद चल रहा है। उसी का वीडियो देखकर दोनों युवकों ने रंगदारी मांगी थी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए युवक शातिर किस्म के हैं। इनमें से एक रतन रस्तोगी 12वीं पास है जबकि अभिषेक ने 9वीं तक पढ़ाई की है। महराजगंज के सराफा व्यापारी के अलावा दोनों ने लखनऊ जिले के निगोहा के रहने वाले व्यापारी से भी 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों को जब पता चला कि 50 लाख की रंगदारी मांगने का मामला समाचार पत्रों में प्रकाशित हो गया है तो दोनों ने मोबाइल व सिम तोड़कर फेंक दिया था। हालांकि सर्विलांस की मदद ली गई तो दोनों गिरफ्त में आ गए।
एएसपी के मुताबिक पकड़े गए आरोपी घर पर ही रहते हैं। कोई रोजगार न होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। पैसा आने का कोई रास्ता नहीं था। इसीलिए रंगदारी मांगने का मन बनाया। पैसों की खातिर दोनों अपराधी बन गए।
एएसपी ने रंगदारी मांगने के मामले का पर्दाफाश करने पर महराजगंज कोतवाल, एसओजी टीम प्रभारी, सर्विलांस टीम प्रभारी समेत पूरी पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की।
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