रायबरेली में बुधवार को बचत भवन में चल रहा सड़क निर्माण कार्य।
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स्मॉग प्रदूषण को लेकर शासन भले ही गंभीर है, लेकिन जिले में कोई सक्रियता नहीं बरती जा रही है। हवा में घुले जहर को कम करने के लिए ही मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने दो दिनों तक ईंट भट्ठों को बंद रखने, भवन निर्माण पर रोक के साथ ही धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं, लेकिन इसका कोई असर जिले में नहीं दिखा।
कैनाल रोड स्थित एक निर्माणाधीन इमारत में श्रमिक निर्माण कार्य करते रहे। इसी मार्ग पर निर्माणाधीन एक अन्य इमारत में ट्रक से गिट्टियां उतारी जा रही थी। इससे उड़ने वाले गिट्टियों के बुरादे से लोगों का चलना दूर रहा। वहीं कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के दफ्तर से कुछ दूरी पर सड़क का निर्माण कार्य जारी रहा। इसमें गिट्टियां और डामर मिलाकर सड़क पर लेपन कार्य किया गया।
गिट्टी और डामर मिलाने के दौरान जो धूल उड़ी, उससे आसपास मौजूद लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। इतना ही नहीं मुख्य सचिव ने धूल न उड़े इसलिए पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए थे, लेकिन शहर की मलिकमऊ रोड, गल्लामंडी से नेशनल हाईवे समेत अन्य बदहाल मार्गों से वाहनों के निकलने पर धूल उड़ती रही। इससे जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। गनीमत रही कि जिले में संचालित होने वाले करीब 350 से अधिक ईंट भट्ठों में ज्यादातर बंद है।
यहां से सिर्फ ईंटों की बिक्री का काम ही हो रहा है। इक्का-दुक्का जगह ही पथाई हो रही है, जबकि ईंटों को पकाने का काम तकरीबन पूरी तरह से ठप है। इनके बंद होने से काफी राहत मिल रही है। वहीं एक भी स्टोन क्रशर मशीन न होने का भी फायदा मिल रहा है। एडीएम प्रशासन तिलकधारी का कहना है कि मुख्य सचिव के आदेशानुसार जिले में सभी निर्माणकार्यों पर दो दिन के लिए रोक लगा दी गई है। इसके अलावा प्रदूषण बढ़ाने वाले अन्य कार्यों को भी दो दिन स्थगित रखने को कहा गया है। आदेश का पालन न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।