रायबरेली। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीशा ने मिलावटखोरी के 15 साल पुराने के एक मुकदमे में फैसला सुनाया। दूध बेचने वाले आरोपी को पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर एक माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने वर्ष 2015 में भदोखर निवासी रामकेवल के पास से दूध का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में दूध का नमूना असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा किया गया था।
प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीशा ने दूध विक्रेता रामकेवल को धारा 7 /16 खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के तहत दोषी पाया। आरोपी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा मिलेगी। अभिहित अधिकारी डॉ. सीआर प्रजापति ने बताया कि एसीजेएम कोर्ट से एक मुकदमे में आरोपी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।