विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में समीक्षा बैठक लेते पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष (न्यायमू
रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को रायबरेली पहुंचा। विकास भवन सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आरक्षण को लेकर जनप्रतिनिधियों की नब्ज टटोली। किसी ने जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिए जाने की वकालत की तो किसी ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को ही सही ठहराया।
आयोग के अध्यक्ष व न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह ने कहा कि आयोग का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, उनके हितों का संरक्षण व शासन की नीतियों एवं व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मूल्यांकन करना है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों व सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
बैठक में आयोग ने स्थानीय ग्रामीण निकायों से जुड़े विभिन्न विषयों, पिछड़े वर्गों के हितों, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जगतपुर ब्लॉक प्रमुख दल बहादुर सिंह ने तर्क रखा कि नियमत: जैसा आरक्षण चल रहा है, आगे भी वैसा ही चले। गन्ना समिति के अध्यक्ष रबी चौधरी ने नियमानुसार आरक्षण लागू होने की बात के साथ ही समितियों में भी आरक्षण लागू करने की जरूरत जताई।
इस दौरान आरक्षण को लेकर अन्य प्रधानों, बीडीसी ने भी अपने सुझाव आयोग के सामने साझा प्रस्तुत किए। इस मौके पर आयोग के सदस्य बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, अरविंद कुमार चौरसिया, एसपी सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, सीडीओ अंजूलता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।