रायबरेली। पूर्व प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद तैनात प्रशासकों ने भुगतान में मनमानी की सारी हदें पार कर दी हैं। शासन के आदेश पर डीह के बिरनावां गांव में 25 लाख से अधिक के भुगतान की जांच चल रही है।
अब जगतपुर प्रशासक के भी कारनामे सामने आने लगे हैं। धर्मदासपुर में एक फर्म को एक दिन में चार पेमेंट कर दिए गए। मनिहरशर्की गांव में बिना रिबोरिंग के ही भुगतान का मामला उजागर हुआ है। यही नहीं खूब कूड़ादान भी खरीदे गए। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने डीडीओ को जांच सौंप दी है।
जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनिहरशर्की प्रधान संजय कुमार ने दो दिन पहले ही डीएम को शिकायतीपत्र देकर मनमाने तरीके से भुगतान का आरोप लगाया था। आरोप है कि एक हैंडपंप को रिबोर करने के नाम पर 16 जून को 27155 रुपये का भुगतान प्रशासक और सचिव ने सांठगांठ करके कर दिया, लेकिन हैंडपंप अब तक रिबोर नहीं कराया गया है।
आरोप तो यहां तक हैं कि इस भुगतान में बिल भी सही नहीं लगाया गया है। यही नहीं रोक के बाद भी कूड़ादान की भी खरीद कर ली गई। जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत धर्मदासपुर में प्रधान के शपथग्रहण के बाद 20 जून को कुमार इंटर प्राइजेज को चार बार में करीब 55 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। इसी तरह कई और ग्राम पंचायतों में भी मनमाने तरीके से भुगतान किए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने डीडीओ एसएन चौरसिया को जांच सौंप दी है।
चार महीने से दबी जांच, अब तक नहीं दिया जवाब
चार महीने पहले जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भीख, दौलतपुर आदि पंचायतों में मनमाने तरीके से भुगतान के मामले में उप निदेशक पंचायतीराज के निर्देश पर डीपीआरओ ने प्रशासक व सचिवों को नोटिस देकर जवाब मांगा था, लेकिन चुनाव के कारण मामला ठंडा हो गया था। बताते हैं कि अब डीपीआरओ कार्यालय को मामले में प्रशासक ने जवाब तक उपलब्ध नहीं कराया है, मामला दबा हुआ है।
जगतपुर में प्रशासक द्वारा कई गांवों में किए गए भुगतान के मामले में डीडीओ को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही मामले में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
- वैभव श्रीवास्तव, डीएम