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करोड़ों की लागत के भवनों की जांच दबाई, 10 अफसरों का वेतन रोका

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रायबरेली। जिले में करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके भवनों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच अधिकारियों ने दबा दी। सीडीओ के आदेश के आठ महीने बाद भी रिपोर्ट न देने पर 10 अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है।
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सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को दो दिन में जांच रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा पढ़ी की चेतावनी दी गई है।
सीडीओ ने नवंबर 2020 में जिले में बड़ी योजनाओं के कार्यों की जांच के लिए टीमें गठित कर दी थी। जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ही सहायक और अधिशासी अभियंताओं को इस कार्य में लगाया गया था।
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ज्यादातर अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट दे दी और कार्यदायी विभागों पर दबाव बनाकर सीडीओ ने कमियों को भी दूर करवा दिया। हालांकि आठ कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच आठ महीने बाद भी संबंधित 10 अधिकारियों ने पूरी नहीं की है।
मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए सीडीओ ने आदेश के बाद भी रिपोर्ट न देने पर नाराजगी जताई है। सीडीओ ने वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर, समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता, जिला दिव्यांग जन कल्याण अधिकारी व जलनिगम के अधिशासी अभियंता, जिला प्रोबेशन अधिकारी व लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, उप कृषि निदेशक व शारदा खंड के अधिशासी अभियंता, जिला आबकारी अधिकारी व राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता का वेतन रोक दिया है। साथ ही दो दिन में जांच पूरी करके जवाब देने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इन कार्यों की जांच पूरी करने में अफसरों की आनाकानी
जिले के राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल शेषपुर समोधा के छात्रावास व स्कूल भवन के मरम्मत के कार्य की जांच वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर और राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल रैन में काम की जांच समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता को सौंपी गई थी।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हाजीपुर की जांच जिला दिव्यागजन कल्याण अधिकारी व जलनिगम के अधिशासी अभियंता, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर के काम की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी व लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को दी गई थी।
सीएचसी सलोन के भवन निर्माण की जांच उप कृषि निदेशक व शारदा खंड के अधिशासी अभियंता, राजीव आवास योजना फेज एक और दो के साथ ही सिटी रिसोर्स सेंटर की जांच जिला आबकारी अधिकारी व राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता को दी गई थी। अब तक जांच पूरी नहीं की गई है।
जिले में हो रहे बड़े निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच के लिए टीमें बनाई गई थी। आठ कार्यों की जांच टीमों ने अब तक उपलब्ध नहीं कराई है। इस संबंध में संबंधित 10 अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है। दो दिन में जवाब रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
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- अभिषेक गोयल, सीडीओ
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