रायबरेली। खाद की फुटकर दुकानों पर खाद के स्टॉक और बिक्री में अंतर मिलने के बाद संयुक्त कृषि निदेशक ने सभी थोक विक्रेताओं की जांच के आदेश दिए हैं।
जिला कृषि अधिकारी थोक विक्रेताओं के स्टॉक और खाद की बिक्री की जांच करेंगे। खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए शासन के गंभीर होने के बाद थोक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
जिले में खाद की 989 फुटकर दुकानों की जांच कराई गई है। दुकानों के स्टॉक और खाद की बिक्री की जांच की गई तो उसमें बड़ा अंतर मिला है। पीओएस मशीन में खाद उपलब्ध दिखी, लेकिन दुकानदारों के गोदाम में खाद का स्टॉक नहीं मिला।
जांच के दौरान कई दुकानें बंद भी मिलीं। कमियां मिलने पर जिले की खाद की 125 फुटकर दुकानों के संचालकों को नोटिस देेकर जवाब मांगा गया है। दुकानदारों को दुकान का क्यूआर कोड भी तीन दिन में देने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर दुकान के खाद के लाइसेंस के निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
संयुक्त कृषि निदेशक ने जिला कृषि अधिकारी को फुटकर दुकानों की तरह थोक दुकानों के स्टॉक और बिक्री की जांच करने के आदेश दिए हैं। इससे खाद के थोक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि खाद के थोक दुकानों के स्टाक और बिक्री की जांच करनी है। जल्द ही यह काम शुरू किया जाएगा।