जायस (रायबरेली)। अमेठी जिले के जायस कोतवाली क्षेत्र के मलिक मोहम्मद जायसी शोध संस्थान में गेट गिरने से हुई श्रमिक की मौत के मामले की जांच करने तिलोई एसडीएम संस्थान पहुंचे।
कई बिंदुओं पर जांच करने के बाद नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों से बातचीत की। एसडीएम की जांच में गेट निर्माण में लापरवाही की पुष्टि हुई है। एसडीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार करके जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। उसके बाद आगे दिशा-निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मलिक मोहम्मद जायसी शोध संस्थान में 13 फरवरी को मुख्य द्वार का गेट गिरने से मेराज निवासी जेर की मौत हो गई थी। वह नगर पालिका परिषद में ठेके पर कर्मचारी था। मृतक के भाई हनीफ अहमद ने मामले की शिकायत डीएम से की थी और लापरवाही का आरोप लगाया था। अमेठी डीएम अरुण कुमार के निर्देश पर तिलोई एसडीएम योगेंद्र सिंह ने संस्थान पहुंचकर जांच की।
गेट के निर्माण के बारे में पूछताछ की। निर्माण कार्य किसने कराया था। इन सब बिंदुओं पर पड़ताल की। यही नहीं नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ लिपिक राममोहन शुक्ला से भी घटना की जानकारी ली। उन्होंने आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में पूछताछ की। उपजिलाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की गई है। प्रथम दृष्टया जायसी शोध संस्थान के गेट निर्माण में लापरवाही की पुष्टि हुई है। इसकी जांच रिपोर्ट तैयार करके जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।