रायबरेली। सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर गांव में सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने के मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच में मामला सही पाए जाने पर दो पूर्व प्रधानों के खिलाफ हरचंदपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है।
हालांकि क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं सरकारी जमीन पर कब्जा होने की बात सामने आने पर नायब तहसीलदार की कार्य व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि सरकारी जमीनाें पर कब्जा के आए दिन मामले सामने आ रहे हैं। बावजूद शहरी क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाले नायब तहसीलदार इस पर सख्ती नहीं दिखा पा रहे हैं।
इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद मामले को अफसरों ने गंभीरता से लेते हुए प्रकरण की जांच कराई और अब मामले में केस दर्ज कराया गया।
रामपुर गांव में सरकारी जमीन पर कब्जा करने की शिकायत पर एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित ने टीम बनाकर जांच शुरू कराई थी।
जांच में दो पूर्व प्रधानों का सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किए जाने की बात पाई गई। जांच में यह भी पाया गया कि जिस जमीन पर कब्जा किया गया था, वह नगर पालिका की जमीन थी। एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित ने बताया कि पूर्व प्रधान लक्ष्मीकांत और बृजेश मिश्रा की ओर से सरकारी जमीन पर कब्जा करके प्लाटिंग की गई थी। इस पर राजस्व की टीम ने अवैध कब्जे को हटवाकर जमीन को नगर पालिका के सुपुर्द कर दिया।
उधर, मामले में क्षेत्रीय लेखपाल रवि कुमार से जवाब तलब किया गया है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम का कहना है कि लेखपाल की भूमिका की जांच कराई जा रही है।
लेखपाल जांच में दोषी मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वहीं इस मामले की शिकायत पूर्व प्रधान बृजेश मिश्रा की तरफ से की गई थी, लेकिन उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसको लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। हरचंदपुर थानेदार अनिल सिंह ने बताया कि लेखपाल रवि कुमार की तहरीर पर दोनंो पूर्व प्रधानों पर केस दर्ज किया गया है।